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उपभोक्ताओं को कैसे मिले न्याय, कोरम पूरा होने पर ही आस

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रुद्रपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित जिला उपभोक्ता फोरम की कोर्ट। - फोटो : RUDRAPUR
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उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए गठित जिला उपभोक्ता फोरम करीब एक साल से अध्यक्ष विहीन है। पांच महीने से कोरम अधूरा होने की वजह वादों पर निर्णय नहीं होने से उपभोक्ताओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में फोरम में करीब 204 वाद लंबित हैं और 67 वादों में बहस के बाद फैसले होने हैं। फोरम में बचे एकमात्र सदस्य सिर्द वाद पंजीकृत करने के बाद बहस तक लाकर उन्हें छोड़ रहे हैं। दिलचस्प बात है कि इस महत्वपूर्ण फोरम में कोरम पूरा करने के लिए शासन स्तर को पत्र भेजने के बाद भी किसी वैकल्पिक सदस्य की नियुक्ति नहीं की जा सकी है।
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जिला उपभोक्ता फोरम में 20 लाख रुपये तक के वाद पंजीकृत होते हैं। कोरम अधूरा होने से वादों पर निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। फोरम के तत्कालीन अध्यक्ष आरडी पालीवाल की अप्रैल 2019 को पुलिस शिकायत प्राधिकरण में नियुक्ति हो गई थी। इसके बाद कोरम में सदस्य सबाहत हुसैन खान और नरेश रानी छाबड़ा वादों की सुनवाई कर निर्णय दे रहे थे। लेकिन 11 अक्तूबर को महिला सदस्य नरेश रानी सेवानिवृत्त हो गई थीं और इसके बाद से ही कोरम अधूरा है। फोरम में एकमात्र सदस्य सबाहत हुसैन वाद पंजीकृत कर दोनों पक्षों के बयान और सबूत लेकर वाद को बहस तक लाकर छोड़ रहे हैं। कोरम पूरा होने पर ही वाद में बहस की प्रक्रिया और फिर निर्णय की कार्यवाही होती है लेकिन कोरम अधूरा होने से उपभोक्ताओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
सबसे अधिक साढ़े 13 लाख का दिया क्लेम
रुद्रपुर। जिला उपभोक्ता फोरम में सबसे ज्यादा वाद बीमा संबंधी होते हैं। इसके अलावा नर्सिंग होमों में इलाज में लापरवाही, बिजली सहित अन्य बिलों में गलतियां, मोबाइल, फ्रीज, वाहन में कमी, बिल्डर्स की ओर से रकम लेने के बावजूद फ्लैट नहीं देने के वाद होते हैं। एकल सदस्य सबाहत हुसैन ने बताया कि वह वर्ष 2017 से फोरम में नियुक्त हैं। उनकी तैनाती के बाद से सबसे अधिक साढ़े 13 लाख रुपये का क्लेम का निर्णय वर्ष 2019 में दिया गया था। काशीपुर के एक नर्सिंग होम ने क्लेम की राशि भी वादी को दे दी थी।
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नया अधिनियम लागू हुआ तो दायर होंगे एक करोड़ तक के वाद
रुद्रपुर। वर्तमान में सेवा में कमी को लेकर 20 लाख तक के वाद जिला उपभोक्ता फोरम में दायर होते हैं। फोरम सदस्य सबाहत हुसैन खान ने बताया कि नया उपभोक्ता अधिनियम लागू होने के बाद यह फोरम जनपदीय उपभोक्ता आयोग बन जाएगा और आयोग में एक करोड़ रुपये तक के वाद दायर किए जा सकेंगे।
पांच लाख तक के वाद में कोई शुल्क नहीं
रुद्रपुर। जिला उपभोक्ता फोरम में बीमा, कंपनियों की सेवा में कमी, बिलों का अधिक आना सहित तमाम वाद दायर होते हैं। उपभोक्ता को वाद दायर कराने के लिए सामान के बिल के साथ फोरम में एप्लीकेशन जमा करनी पड़ती है। पांच लाख रुपये तक के लिए निशुल्क वाद दर्ज होता है। पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये में 200 रुपये और दस से 20 लाख रुपये के लिए 400 रुपये फीस जमा करनी पड़ती है। उपभोक्ता अपने वाद की पैरवी कोरम के समक्ष खुद भी कर सकता है।
फोरम में कोरम पूरा नहीं होने की वजह से बहस तक मामले लाकर छोड़े जा रहे हैं और वादों में निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। फोरम में अध्यक्ष या महिला सदस्य की नियुक्ति को लेकर शासन को पत्र भेजा गया था। नई नियुक्ति होने तक सीमावर्ती जिले से हफ्ते में दो दिन सुनवाई के लिए अध्यक्ष या महिला सदस्य या जजी से एडीजे को भेजने का सुझाव दिया गया था। इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। - सबाहत हुसैन खान, सदस्य जिला उपभोक्ता फोरम।

सवाहत हुसैन खान, सदस्य, जिला उपभोक्ता फोरम।- फोटो : RUDRAPUR

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