एक महीने में सिर्फ 50 हजार रुपये निकासी की सीमा तय करने के रिजर्व बैंक के फैसले ने यस बैंक के उपभोक्ताओं के माथे पर बल ला दिया है। बैंक में खाताधारक व्यापारी और मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं। बैंक की नेट बैंकिंग और एटीएम सेवा भी बंद कर दी गई है। उपभोक्ताओं ने अपने खाते से दूसरे बैंक के खाते में रुपये ट्रांजेक्शन नहीं कर पा रहे हैं। कई खाताधारकों के यस बैंक के खाते से रुपये कट तो गए लेकिन दूसरे खाते में नहीं पहुंच सके। दिन भर उपभोक्ता खातों में जमा रकम की जानकारी के लिए बैंक पहुंचते रहे।
शुक्रवार को आवास विकास स्थित यस बैंक में उपभोक्ताओं का जमावड़ा लग गया। बैंक प्रबंधक व अन्य कर्मचारी उपभोक्ताओं को उनके खाते में जमा पैसा सुरक्षित होने की बात समझाने में जुटे हैं। कुछ उपभोक्ता तो बेहद आक्रोश में बैंक से बाहर निकलते देखे गए। बैंक का एटीएम भी बंद कर दिया गया है और बैंक सर्वर गड़बड़ा गया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस बैंक के ग्राहकों के लिए सिर्फ 50 हजार रुपये निकासी की सीमा तय कर दी गई है। आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंक की आर्थिक हालत देखकर की है। बताया जा रहा है कि यस बैंक की बदहाली इतनी बढ़ गई है कि सिर्फ 15 महीने के भीतर बैंक के निवेशकों को 90 फीसदी से अधिक का नुकसान हो चुका है। इधर बैंक के अधिकारी इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं। बैंक कारपोरेट मैनेजर स्वाती ने कहा कि वे इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने में असमर्थ हैं।
क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड सब बंद कर दिया गया है। एलआईसी जमा करने के लिए 14 हजार रुपये का चेक काटा था लेकिन बैंक प्रबंधन कह रहा है कि वो भी बाउंस हो जाएगा। राजीव कामरा, व्यापारी।
मकान की रजिस्ट्री करानी है, बच्चों की फीस जमा करनी है। एक महीने में सिर्फ 50 हजार रुपये निकालने से व्यापार में बहुत घाटा हो जाएगा। राजेश कामरा, व्यापारी।
होली का त्योहार आने वाला है, दुकान में काम कर रहे लड़कों को सैलरी देनी है। दो लाख रुपये निकालने आया था। खाते में रुपये हैं लेकिन उनको निकाल नहीं सकते हैं। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। रमेश, कारोबारी।
- रात में पीएनबी के खाते में सात लाख रुपये ट्रांसफर किए। यस बैंक के खाते से रुपये भी कट गए और पीएनबी में पहुंचे भी नहीं हैं। बहुत दिक्कत हो रही है। खाते में रुपये पड़े हैं लेकिन सिर्फ 50 हजार रुपये ही निकल रहे हैं। -यशपाल गुलाटी, कारोबारी।
-
उपभोक्ताओं को सता रही बैंक के दिवालिया होने की चिंता
रुद्रपुर। खातों से रुपये निकालने आवास विकास शाखा में पहुंचे यस बैंक के उपभोक्ताओं को अपने रुपये की चिंता सता रही है। कई लोग ऐसे हैं जिन्हें बाहर जाकर अपना इलाज कराना है लेकिन सिर्फ 50 हजार रुपये की सीमा से वह संकट में पड़ गए हैं। इस कार्रवाई को लेकर उपभोक्ता जहां केंद्र सरकार को कोस रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बैंक दिवालिया भी हो सकता है।
यस बैंक में ऑनलाइन भुगतान रोकने से खातेदारों में हड़कंप
काशीपुर। यस बैंक में ऑनलाइन पेमेंट रोकने और 50 हजार से अधिक की निकासी पर रोक लगाने से खाताधारकों में हड़कंप मचा है। शुक्रवार को बारिश के बीच बैंक खुलते ही खाताधारक सुबह 10 बजे से ही रामनगर रोड स्थित बैंक शाखा पहुंचने शुरू हो गए। एक खातेदार ने बताया कि उसने एक दिन पहले छह लाख रुपये की रकम जमा की थी। उसे इस रकम को जल्द उपयोग में लेना था लेकिन नए आदेश के बाद अब वह एक माह में 50 हजार रुपये से अधिक की रकम नहीं निकाल सकेगा। इस स्थिति में उसकी रकम बैंक में फंस गई।
बैंक शाखा पहुंचे अन्य खाताधारकों ने कहा कि बरसात के बावजूद वे अपनी जमा रकम की जानकारी करने आए हैं लेकिन बैंक के अधिकारियों की ओर से कुछ भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। यस बैंक के शाखा प्रबंधक शंकर रस्तोगी ने बताया कि भारत सरकार के गजट के मुताबिक खातेदार तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50 हजार रुपये तक की राशि आहरित कर सकते हैं। संवाद