कोठगी झूले का हाल बदहाल है। स्थिति यह है कि पुल का जगह-जगह पर डामर उखड़ने के साथ-साथ पुल को जोड़ने वाले नट बोर्ड भी निकल चुके हैं।
इससे कभी भी हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में लोनिवि रुद्रप्रयाग को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विभाग द्वारा पुल के मेंटेनेंस के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कोठगी झूला पुल बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से कोठगी, मदोला, भटवाड़ी, छिनका समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ता है। इसी पुल से घोलतीर व शिवानंदी से छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए जीआईसी कोठगी आते हैं लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में पुल की स्थिति जर्जर बनी हुई है।
इससे कभी भी हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीण पंकज नेगी, संतोष सिंह, नीरज सिंह, पूनम देवी ने बताया कि पुल से आवाजाही करने में भी डर लगने लगा है।
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक खतरा स्कूली बच्चों को बना हुआ है। यदि शीघ्र पुल की मरम्मत नहीं की जाती है तो कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है।
इधर, लोनिवि रुद्रप्रयाग के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि कोठगी झूला पुल अब लोनिवि (ब्लड बैंक वित्त पोषित) डिवीजन के पास हस्तांतरित हो गया है।
इसकी मेंटेंनेंस संबंधी कार्य उक्त डिवीजन द्वारा किया जाना है। उन्होंने कहा कि यदि पुल में माइनर रख-रखाव करना होगा तो जल्द करवाया जाएगा।