जीआईसी ऊखीमठ में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में कांग्रेसियों और जनप्रतिनिधियों ने ही सरकार की नीतियों और आयोजनों पर सवाल उठाए। कालीमठ वार्ड की जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी ने कहा कि इस तरह के शिविरों से जनता को कोई लाभ नहीं मिला रहा है।
शिकायतों का निस्तारण नहीं होने से ये खानापूर्ति साबित हो रहे हैं। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य की प्रभारी मंत्री राजेंद्र भंडारी से भी बहस हुई। शिविर में 68 शिकायतें दर्ज हुई, जिनके निस्तारण के लिए प्रभारी मंत्री व जिलाधिकारी की ओर से विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
बृहस्पतिवार को ग्राम्या विकास विभाग की ओर से जीआईसी ऊखीमठ में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में प्रभारी मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि सरकार जनहितों को लेकर गंभीर है। किसी भी योजना के संचालन और क्रियान्वयन पर पूरी नजर रखी जा रही है।
शिविर में पठाली गांव के कुंवर सिंह ने आपदा में मारे गए लोगों के प्रभावित वृद्ध माता-पिताओं की मदद की मांग की। इस मौके पर ग्रामीणों ने स्वीकृत मोटर मार्गों के निर्माण में देरी, स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद, बदहाल स्वास्थ्य व संचार सेवा सहित कई मुद्दे उठाए।
ग्रामीण दौलत पंवार ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम की ओर से बनाई जा रही टनल से आवासीय मकान में दरार आने की शिकायत प्रभारी मंत्री से की। इस मौके पर जिलाधिकारी डा. राघव लंगर, एसडीएम देवमूर्ति यादव, ब्लाक प्रमुख संत लाल शाह, नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण, अंकुर रौथाण, सुरेंद्र दत्त सकलानी आदि थे।