अगस्त्यमुनि ब्लॉक की ग्राम पंचायत बोरा में ग्रामीण इस ठिठुरन भरी सर्दी में भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। 375 परिवार वाले गांव के लिए जलसंस्थान पानी का टैंकर भेज रहा है लेकिन इसका लाभ भी सड़क से लगे 90 से 100 परिवारों को ही मिल पा रहा है। अन्य परिवार, दूरस्थ स्रोतों से बमुश्किल पानी जुटा रहे हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत बोरा की आबादी लगभग डेढ़ हजार है। यहां जलसंस्थान की तुंगनाथ-बोरा पेयजल योजना से पानी की सप्लाई होती थी। अब योजना के स्रोत में नाम मात्र का पानी होने से सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थिति यह है कि पिछले दो माह से गांव में नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी है।
ग्राम प्रधान शकुंतला देवी का कहना है कि विभाग को कई बार अवगत कराने के बाद भी गांव के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है। विभाग खानापूर्ति के लिए 15 दिन से दिन में एक बार पानी का टैंकर भेज रहा है, जिससे सड़क से लगे परिवारों को ही दो-दो बर्तन पानी मिल पा रहा है।
पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को रात खुलते ही ठिठुरन भरी सर्दी में पानी के टैंकर का इंतजार करना पड़ा रहा है। इस समस्या से ग्रामीण बेहाल हैं।
इधर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विद्युत्तमा देवी और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य महावीर गुंसाई, योगंबर सिंह, प्रदीप सिंह, डीएल टम्टा, एचएल टम्टा ने रामपुर गदेरे से गांव के लिए बनाई जा रही पंपिंग योजना का निर्माण शीघ्र करने और गांव को नागपुर तल्ला पेयजल लाइन से जोड़ने की मांग की है ताकि समूचे गांव को पर्याप्त पानी मिल सके।
कोट
तुंगनाथ योजना का स्रोत सूखने से दिक्कत हो रही है। बोरा के ग्रामीणों को टैंकर और पंपिंग योजना से पर्याप्त पानी सप्लाई के प्रयास किए जा रहे हैं।
-रेवत सिंह रावत, कनिष्ठ अभियंता जलसंस्थान रुद्रप्रयाग