अपनी सरकार बहाली के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को बाबा केदार के दर्शन कर मनौती मांगी। इस मौके पर धाम में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं, तीर्थपुरोहित और व्यापार संघ के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रात: 11 बजे हेलीकाप्टर से अपनी पत्नी रेणु रावत के साथ केदारनाथ पहुंचे। मंदिर में पत्नी के साथ बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर उन्होंने सुख-समृद्धि की मनौती मांगी। इसके बाद सीएम ने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जिलाधिकारी डा. राघव लंगर को यात्रा व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश भी दिए।
सीएम ने धाम में बढ़ रहे श्रद्धालुओं को लेकर मौजूद व्यवस्था के अलावा केदारपुरी में एक हजार अतिरिक्त यात्रियों के ठहरने की शीघ्र व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कपाट खुलने के बाद की यात्रा के इंतजामों के बारे में जिला प्रशासन से जानकारी ली। कहा जो भी कमियां रह गई हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष गोंविद सिंह कुंजवाल, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, जिला अध्यक्ष प्रदीप थपलियाल, प्रशासन व पुलिस सहित बीकेटीसी के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे।
लाइन में खड़े श्रद्धालुओं से मिले
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ में मंदिर परिसर में बाबा केदार के दर्शनों के लिए लाइन पर खड़े श्रद्धालुओं से भेंट की और इंतजामों के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की कुशलक्षेम भी पूछी।
कैंटीन में खाया खाना
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ में गढ़वाल मंडल विकास निगम के कैंटीन में अन्य लोगों के साथ खाना खाया। उन्होंने निगम अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने को भी कहा।
तीर्थ पुरोहितों ने सौंपा ज्ञापन
केदारनाथ पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत को केदारसभा और तीर्थ पुरोहित समाज ने नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें मंदिर की सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण कार्य जल्द पूरा करने, केदारपुरी की सफाई, संपर्क मार्गों को आवाजाही के लिए खोलने, आपदा से प्रभावित छूटे तीर्थ पुरोहितों को त्वरित मदद देने की मांग शामिल है। सीएम ने कहा कि वह चाहते हैं कि केदारपुरी भव्य पुरी के रूप में नजर आए। उन्होंने मांगों पर विचार कर प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया।
चेहरे पर नजर आया तेज
डेढ़ माह के राजनीतिक संकट से उभरने के बाद रविवार को केदारनाथ पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत के चेहरे पर तेज नजर आया। वे पहले की तरह कई मुद्दों पर जहां गंभीर नजर आए, वहीं धाम में अच्छी व्यवस्थाओं पर हंसकर खुशी भी जताई। कहा कि बाबा केदार की कृपा से वे संकट से उभरे हैं। केदारनाथ उत्तराखंड का ही नहीं, देश का मान है। ऐसे में वे अपने स्तर से जो भी बेहतर होगा, धाम के लिए करेंगे।