फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कपड़े सिलकर गुजर कर रही राष्ट्रीय पैरा खिलाड़ी प्रेमा

विज्ञापन
दिनेशपुर में सिलाई मशीन से कपड़े सिलतीं प्रेमा। - फोटो : RUDRAPUR
विज्ञापन
राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रेमा विश्वास कोरोना काल में कपड़े सिलकर गुजर बसर कर रही है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने पर प्रेमा ने खेल मंत्री से नौकरी की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

दिनेशपुर के चंदननगर गांव निवासी प्रेमा विश्वास की आर्थिक स्थिति खराब है। पिता के गुजर जाने के बाद माता मिनती विश्वास ने ही उन्हें मेहनत मजदूरी कर पढ़ाया था। वर्ष 2007 में रुद्रपुर में आयोजित हुए दिव्यांग एथलेटिक्स में प्रेमा ने पहली बार हिस्सा लिया। डिसेबल्ड स्पोर्टिंग सोसाइटी के प्रदेश सचिव हरीश चौधरी ने प्रेमा को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने को प्रेरित किया था।
प्रेमा ने बताया कि थाइलैंड में वर्ष 2019 में आयोजित हुई अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खेल में उसने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसी साल रुद्रपुर में आयोजित हुई तीसरी राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता में उन्होंने दो स्वर्ण पदक सहित दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। माता के दोनों घुटने खराब होने पर अब वह मजदूरी भी नहीं कर पाती हैं।
विज्ञापन

इसके बाद घर की रोजी-रोटी चलाने के लिए उसने कोरोना काल में घर में ही सिलाई मशीन का काम शुरू किया। लेकिन आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब होने पर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि उन्होंने खेल मंत्री से उसकी पढ़ाई की योग्यता के अनुसार नौकरी दिलाने की मांग की लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिल सका है। वर्तमान में वह समाजशास्त्र से एमए की पढ़ाई भी कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें