कांदी मां बंदुक छन, जिंदगी च हाथ मा...कविता के जरिए चोपता महोत्सव की पहली शाम वीर सैनिकों के शौर्य को समर्पित की गई। देश की सीमाओं पर रक्षा के लिए तैनात किए गए वीर सैनिकों को याद किया गया। इसी के साथ पांच दिवसीय औद्योगिक विकास कृषि एवं पर्यटन महोत्सव का आगाज हुआ।
रविवार को पांच दिवसीय महोत्सव शुभारंभ विधायक भरत सिंह चौधरी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि तल्लानागपुर क्षेत्र में पर्यटन/तीर्थाटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के रमणीक स्थलों के बारे में जानकारी जुटाकर पर्यटन का मैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए विधायक निधि से एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मेले का पहला दिन नवांकुर गढ़ साहित्य और कला मंच के नाम रहा। इस मौके पर लोक कवि विक्रम कप्रवाण ने कांदी मां बंदुक छन, जिंदगी च हाथ मां, कविता के जरिए देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर सैनिकों के शौर्य व पराक्रम को याद किया। नंदन सिंह राणा ने बागदान गैरसैंण दगड़ी, सिंदूर पैराई देहरादूण, कविता के जरिए प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण की स्थिति बयां की। कवि सम्मेलन में अजय नौटियाल ने तै रंग रूप तै समालि की रख जरा, राजपाल पंवार ने मां की ममता महान, गोविंद पंवार ने पंदरा बरसै उमर बीती, मनोज बिष्ट ने काक्यू छबलाट देखी, अनीता मेवाल ने मेरू मन व्याकुल, दमयंती भट्ट ने स्वर्ग मा बैठ्यूं दाता, रजनीकांत मैठाणी ने हमुन जितैन, अर हमारै चड्यापड्यां और संदीप वशिष्ठ ने लाटा मेरा द्वी चार-चार दिन तू, छुट्यूं मां घौर अयाल.. कविता का पाठ किया। इस मौके पर मेले भाजपा मंडल अध्यक्ष गंभीर सिंह बिष्ट , मुख्य विकास अधिकारी एसएस चौहान, जीआईसी चोपता, दुर्गा पब्लिक स्कूल, हिल चिल्ड्रन, वीडी मेमोरियल स्कूल, तुंगेश्वर जूनियर हाईस्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने लोक संस्कृति पर आधारित गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी गीत-नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी।
स्टॉलों पर रही खूब भीड़
रुद्रप्रयाग। पांच दिवसीय महोत्सव में खादी ग्रामोद्योग, बाल विकास, पशुपालन, सेवायोजन, आजीविका मिशन, स्वजल, वन विभाग, स्वास्थ्य, उद्यान, कृषि समेत अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं व समूहों द्वारा अपने स्टॉल लगाए गए हैं। पहले ही दिन मेलार्थियों ने स्टॉलों पर विभिन्न जानकारी लेते हुए खरीदारी भी की।
रुद्रप्रयाग के चोपता में पांच दिवसीय महोत्सव के शुभारंभ पर लोक नृत्य की प्रस्तृति देती स्कूली छ?- फोटो : RUDRAPRYAG