रुद्रपुर। काशीपुर में दो दिन पहलेे गेहूं के खेत में मिले नवजात शिवा के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि नवजात के जन्म लेते ही उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद पिता ने ही पालने के झंझट से बचने के लिए नवजात को खेत में फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने पिता के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी है।
बता दें कि 16 फरवरी की सुबह काशीपुर में बाजपुर रोड पर श्यामपुरम कॉलोनी स्थित हरिशंकर मंदिर के पास गेहूं के खेत में एक शिशु के रोने की आवाज सुनाई देने पर नवजात को लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था। नवजात को चाइल्ड केयर यूनिट में रखा गया है, जहां अब उसकी हालत में सुधार है।
जांच में पुलिस को पता चला है कि बेटे को मां ने घर पर ही जन्म दिया था और इसी दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद पिता ने मासूम को गेहूं के खेत में फेंक दिया था। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि मृतका मूलरूप से मुरादाबाद की रहने वाली थी और वह काशीपुर में किराए के मकान में पति के साथ रहती थी।
महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष ने जाना शिशु का हाल
काशीपुर। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमिता लोहनी ने काशीपुर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती नवजात शिवा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आंनद मोहन ने उन्हें बताया कि अब शिशु के स्वास्थ्य में सुधार है।
बुधवार को शिशु के सारे टेस्ट कराए जाएंगे। अगर टेस्ट में सब कुछ सही पाया गया तो शिशु को डिस्चार्ज किया जा सकता है। अमिता लोहनी ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताते कहा कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ब्यूरो