मैदानी इलाकों में पारा चढ़ने के साथ ही चार धाम गति पकड़ती जा रही है। सोमवार को 22 हजार यात्रियों ने चारों धाम में दर्शन किए। बाबा केदार की यात्रा आगे बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को धाम में 5122 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
धाम में प्रात: पांच बजे से तीर्थ यात्री दर्शन के लिए लाइन में लगने शुरू हो गए थे। नौ मई से अभी तक 31179 तीर्थ यात्री केदारनाथ पहुंच चुके हैं। उधर, तृृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के दर्शन के लिए काफी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया यात्रा को लेकर देश के विभिन्न प्रांतों से आ रहे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
बदरीनाथ धाम में सोमवार को खुशनुमा मौसम के बीच 6029 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका। छह दिन में 50756 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन को पहुंचे। धाम में तीर्थयात्री तड़के ही तप्तकुंड में स्नान कर बदरीनाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं। वर्ष 2013 की आपदा के बाद इस वर्ष बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर उमड़ रहे यात्रियों को देखते हुए व्यवसायियों में भी उत्साह बना हुआ है। यात्री बदरीनाथ के दर्शन करने के बाद माणा गांव में स्थित घंटाकर्ण मंदिर, व्यास गुफा, सरस्वती नदी, शेषनाग के दर्शनों को भी पहुंच रहे हैं।
गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा के पटरी पर लौटने से तीर्थ पुरोहितों और यात्रा कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। सोमवार को 3239 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 7617 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे। यमुनोत्री एवं गंगोत्री जाने वाले तीर्थयात्री काशी विश्वनाथ सहित अन्य प्राचीन मंदिरों के दर्शनों को पहुंच रहे हैं।