जिलाधिकारी ने वन पंचायतों द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही तरीके से नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने वन पंचायत सदस्यों को वन अग्निशमन में सहयोग करने को कहा है। कहा कि पंचायती वनों के आबादी के निकट होने से यह क्षेत्र अग्नि दुर्घटना की दृष्टि से सबसे संवेदनशील है। ऐसे में प्रभावी अग्नि सुरक्षा जरूरी है।
शासन से मिले निर्देशों के तहत डीएम ने रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, जखोली और बसुकेदार तहसील के उप जिलाधिकारी को वन पंचायतों को वन अग्निशमन में सहयोग करने के निर्देश देने को कहा है। डीएम ने सिविल और वन पंचायती वनों की आग से सुरक्षा को लेकर बीडीओ को भी निर्देश दिए हैं। विकासखंड स्तर पर वनों की सुरक्षा के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने सिविल और पंचायती वनों की अग्नि सुरक्षा के लिए जनपद के तीनों विकासखंड अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ और जखोली में एक-एक सचल दल का गठित किया है।
इस दल में सहायक विकास अधिकारी को टीम लीडर बनाया गया है। इसके अलावा, एक-एक संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, 2 होमर्गाड/पीआरडी जवान शामिल किए गए हैं। दल सिविल और पंचायती वनों में अग्नि घटना होने पर अग्नि नियंत्रण की कार्रवाही करेगा। इस संबंध में मास्टर कंट्रोल रूम प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग के दूरभाष 01364-233505 और आपातकालीन परिचालन केंद्र जिला कार्यालय के दूरभाष 01364-233727 पर सूचना भी देगा।