लॉकडाउन के बाद अनलॉक-1 में भी पूजन सामग्री बेचने वाले दुकानदारों, ठेलों और सड़क किनारे फूलों का व्यवसाय करने वाले लोगों की आर्थिक दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। दरअसल, प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थलों में प्रसाद और अन्य तरह की सामग्री चढ़ाने को लेकर श्रद्धालुओं से मना किया गया है। इस कारण धार्मिक स्थल के आसपास पूजा-सामग्री और फूल बेचने वाले दुकानदारों का कारोबार चौपट है। मंगलवार को पूजा अर्चना का सामान बेचने वाले व्यापारियों ने बातचीत की, उन्होंने अपनी-अपनी समस्याएं बताईं।
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पहले मंदिर खुलने पर दुकान से श्रद्धालु पूजा-सामग्री, प्रसाद, नारियल, तेल, दिए और अन्य तरह के सामान खरीदते थे। अनलॉक-1 के बाद दुकान खुलने के बावजूद बिक्री ज्यादा नहीं हो रही है। इस कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - हरीश सुखीजा, पूजा-सामग्री व्यापारी।
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लॉकडाउन में सवा लाख रुपये का नुकसान हुआ था। पहले श्रद्धालु हवन-सामग्री, पूजा की सामग्री, प्रसाद और भगवान के वस्त्र खरीद के ले जाते थे लेकिन अब मंदिरों में श्रद्धालु बहुत कम आते हैं, तो बिक्री भी कम हो रही है। - सुभाष चंद्र, पूजा-सामग्री व्यापारी।
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गुलाब और गेंदे की बिक्री पहले रोजाना 500 या हजार रुपये के बीच हो जाती थी। लॉकडाउन में दुकान लगाने ही नहीं दी गई। अब दुकान खुलने पर सिर्फ 100 या 150 रुपये के फूलों की बिक्री भी बहुत मुश्किल से हो पा रही है। - रमा देवी, रंपुरा।
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धार्मिक स्थल खुलने पर पहले अधिक संख्या में श्रद्धालु फूल माला खरीदते थे। इससे रोजाना 1500 रुपये तक फूलों की बिक्री हो जाती थी लेकिन अब कभी-कभी लोग फूल खरीदने आते हैं, व्यवसाय चौपट है। - ओमप्रकाश, रंपुरा।
रमा देवी।- फोटो : RUDRAPUR
सुभाष चंद्र।- फोटो : RUDRAPUR
हरीश सुखीजा।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में पांच मंदिर के सामने पूजन सामग्री की दुकान में खरीदारी करते लोग।- फोटो : RUDRAPUR