ओडीसीएच (ऑनर ड्राइवन कंस्ट्रक्शन हाउसेस) के तहत भवन निर्माण के लिए प्रथम किश्त लेने के एक वर्ष बाद भी जिले में 17 लाभार्थियों ने अभी तक भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया है। डीएम ने इन लोगों को नोटिस जारी करने और निर्धारित समय तक भवन निर्माण न करने पर धन वसूली के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट में ओडीसीएच भवनों के निर्माण की समीक्षा बैठक में डीएम डा. राघव लंगर ने कहा कि पर्याप्त धनराशि मिलने के बाद भी भवनों का निर्माण न करना गंभीर लापरवाही है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा यदि ये लोग निर्धारित समय तक भवन निर्माण नहीं करते हैं, तो इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ ही धन वसूली भी की जाएगी।
डीएम ने भवन बनाने के लिए प्रथम व द्वितीय किश्त प्राप्त कर चुके लाभार्थियों की ओर से भवन निर्माण की स्थिति के बारे में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा के तीन वर्ष से अधिक समय बाद भी भवन निर्माण की प्रक्रिया सुस्त गति से चल रही है, जो सही नहीं है।
ऐसे में लाभार्थियों के साथ संस्था भी दोषी है। इस मौके पर कार्यदायी संस्था सुधा के जिला प्रभारी पार सिंह बिष्ट ने बताया कि जिले में ओडीसीएच के तहत 860 भवनों का निर्माण होना है। यह लक्ष्य इस वर्ष 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना है, लेकिन प्रथम किश्त प्राप्त करने के बाद भी 17 लाभार्थियों ने भवन निर्माण का काम शुरू नहीं किया, जबकि 22 लाभार्थियों के भवनों का निर्माण बहुत धीमी गति से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों से नियमित संपर्क कर उन्हें समय पर भवन निर्माण के लिए कहा जा रहा है। बैठक में सीडीओ डीआर जोशी, एडीएम तीरथपाल सिंह, एसडीएम देवमूर्ति यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।