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बीएसएनएल शुरू नहीं कर सका 4जी की सुविधा, एक साल में घटे 45 हजार उपभोक्ता

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रुद्रपुर। निजी कंपनियों से पिछड़ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के नैनीताल और ऊधमसिंह नगर मंडल में 45 हजार उपभोक्ताओं ने दूसरी नेटवर्किंग कंपनियों की तरफ रुख कर लिया है। अनुमान है कि 4जी सुविधा नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं ने अन्य कंपनियों की नेटवर्क सर्विस अपनाई है। पिछले डेढ़ सालों से औद्योगिक नगरी के रुद्रपुर और काशीपुर डिविजन में 4जी टेस्टिंग की मुख्यालय से अनुमति नहीं मिल पाई है। तकनीक की स्पर्धा में पिछड़ रहे बीएसएनएल को इसका खामियाजा उपभोक्ताओं की बेरुखी के रूप में भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, दिसंबर 2018 में रामनगर में बीएसएनएल 4जी टेस्टिंग सफल होने के बाद उपभोक्ताओं को निगम द्वारा 4जी सिम मुहैया कराया जा रहा है। रामनगर में बीएसएनएल के उपभोक्ता 4जी नेटवर्क की सुविधा ले रहे हैं। वर्ष 2019 में बीएसएनएल के उच्च अधिकारियों ने दावा किया था कि रुद्रपुर और काशीपुर में मार्च तक उपभोक्ताओं को 4जी सेवा मिल जाएगी। लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी उपभोक्ताओं को बीएसएनएल की ओर से 4जी नेटवर्किंग की सुविधा नहीं मिली है। बीएसएनएल की ओर से लोगों को रिझाने के लिए केवल सिम के ऊपर 4जी लिखा गया है। यह केवल रामनगर या महानगरों में पहुंचने के बाद बेहतर इंटरनेट सुविधा देता है। बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक ललित तिवारी ने बताया कि एक साल में नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में 45 हजार मोबाइल कनेक्शन घटे हैं। वहीं बीएसएनएल के फाइबर टू होम सुविधा में हजारों ग्राहक जुड़े हैं। बीएसएनएल के केंद्र कार्यालय में उच्च अधिकारी 4जी स्पेक्ट्रम की सरकार से मांग कर रहे हैं। अगर सरकार से 4जी स्पेक्ट्रम मिल जाता है तो बीएसएनएल की नेटवर्किंग मजबूत हो जाएगी।
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