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सीज गाड़ियां छुड़वाने में भी दलाल सक्रिय

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रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय में सीज किए गए वाहन। - फोटो : RUDRAPUR
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परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद एआरटीओ कार्यालय के गेट के पास दलालों की सक्रियता कम नहीं हो रही है। कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों से सांठगांठ कर कुछ दलालों ने कार्यालय के भीतर भी घुसपैठ बना ली है। रुद्रपुर में एआरटीओ कार्यालय के गेट और कार्यालय के विभिन्न काउंटरों के पास दलालों की सक्रियता देखी जा रही है। यह डीएल बनवाने से लेकर सीज गाड़ी छुड़वाने के नाम लोगों से रुपये ऐंठ रहे हैं।
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लॉकडाउन में डीएल के नवीनीकरण से लेकर विभिन्न शुल्कों को जमा करने के लिए परिवहन विभाग ने 30 सितंबर तक तिथि बढ़ा दी है लेकिन सीज गाड़ियों को छुड़ाने के लिए अभी लोग एआरटीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ लोग दलालों के चंगुल में फंस रहे हैं, जिनसे दलाल जल्दी गाड़ी छुड़ाने की बात कहकर रुपये ऐंठ रहे हैं।
वहीं, कई लोग अपनी सीज और चालान की गाड़ियां छुड़ाने के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। अपना कार्य स्वयं करवाने पहुंच रहे लोगों को कार्यालय में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने एआरटीओ कार्यालय में सीज की गईं गाड़ियों को छुड़वाने पहुंचे लोगों से उनकी दिक्कतों के बारे में बात की, तो उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं...
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एआरटीओ कार्यालय में दलालों के बिना कोई काम नहीं होता। सीज गाड़ियां छुड़वाने के लिए भी दलाल रुपये ऐंठ रहे हैं। एक सप्ताह पहले पुलभट्टा में मेरे ट्रक का चालान काटा गया था। ट्रक को छुड़वाने के लिए दलाल हजारों रुपये मांग रहे हैं। अगर दलाल इतने ही सक्रिय हैं तो फिर इस दफ्तर की क्या जरूरत है। - सैजाद, ट्रांजिट कैंप।
मैं पिकअप चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता हूं। दो सप्ताह पहले गाड़ी का चालान हुआ था। दो सप्ताह से चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं हुआ। इस दौरान कुछ दलाल मिले जो कह रहे थे कि खर्चा करोगे तो तुरंत गाड़ी छूट जाएगी। इसमें कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध रहती है। - राजू, सितारगंज।
मेरे ड्राइवर ने जूता नहीं पहना था, जिस कारण छह मार्च को पुलभट्टा में पिकअप पकड़ ली गई। लेकिन चेकपोस्ट पर तैनात परिवहन विभाग के कर्मचारी ने गाड़ी को सीज करने के कागज नहीं दिए। इसके बाद 200 किमी दूर से छह बार एआरटीओ कार्यालय चक्कर लगा दिए हैं लेकिन अभी तक गाड़ी नहीं छूटी है। - समीम, शाहजहांपुर।
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ओवरलोडिंग होने पर नानकमत्ता में ट्रक का चालान किया गया था। किच्छा से रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय में पहुंचा तो कर्मचारी ने बताया कि कल इसकी रिपोर्ट कोतवाली या थाने में भेजी जाएगी। अभी तक गाड़ी कार्यालय से छूट नहीं सकी है। ऐसे में समय तो बर्बाद हो ही रहा है, काम भी प्रभावित हो रहा है। - ललित सिंह, किच्छा।
लॉकडाउन की अवधि में परिवहन विभाग ने करीब 80 वाहन सीज किए थे। इन सीज वाहनों को उनके मालिकों या ड्राइवरों के पहुंचने पर ही जुर्माना लेकर लौटाया जा रहा है। इसके लिए एक कर्मचारी की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। वर्तमान में कार्यालय में दलालों की सक्रियता नहीं है। यदि किसी प्रकार की सक्रियता मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - संदीप सैनी, एआरटीओ प्रवर्तन।
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