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Rudraprayag: ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुई भगवान मद्महेश्वर की भोगमूर्ति, छह महीने यहीं होगी पूजा

Tue, 22 Nov 2022 12:22 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

सोमवार को दोपहर बाद 2 बजे द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची। यहां भक्तों के जयकारों के बीच डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर की परिक्रमा की। पुजारी शिवलिंग ने डोली की आरती उतारी।
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द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में हुए विरा? - फोटो : RUDRAPRYAG
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विस्तार
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द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की भोगमूर्ति शीतकाल की छह माह की पूजा-अर्चना के लिए गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो गई है। इस मौके पर दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

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सोमवार को दोपहर बाद 2 बजे द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची। यहां भक्तों के जयकारों के बीच डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर की परिक्रमा की। पुजारी शिवलिंग ने डोली की आरती उतारी।

इसके बाद डोली को सभामंडप में विराजमान किया गया और भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली से भोग मूर्ति को उतारकर बूढ़ा मद्महेश्वर के पुष्परथ पर विराजमान किया गया। द्वितीय केदार ने रथ पर सवार होकर ओंकारेश्वर मंदिर की पांच परिक्रमा की। केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग की अगुवाई में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के पुजारी शिव शंकर लिंग ने पुजारी बागेश लिंग, टी.गंगाधर लिंग और शिवलिंग के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए मद्महेश्वर भगवान की भोग मूर्तियों को गर्भगृह में स्थापित किया।
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इससे पूर्व दोपहर 12 बजे भक्तों के जयकारों के साथ गिरीया से द्वितीय केदार की चल उत्सव डोली मंगोलचारी पहुंची। मंगोली के ग्रामीणों ने डोली को सोने का छत्र चढ़ाया। यहां से डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची। द्वितीय केदार के डोली आगमन के मौके पर ब्लॉक प्रमुख श्वेता पांडेय, एसडीएम जितेंद्र वर्मा, बीकेटीसी कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, युद्धवीर पुष्पवाण, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, केेदारनाथ के धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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