लगभग डेढ़ सौ साल पुराने भीरी-राजमाता पैदल पुल के पुश्ते की मरम्मत नहीं होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में रोष है। कहना है कि शासन-प्रशासन व विभाग को कई बार अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। जबकि पुल से सैकड़ों लोग प्रतिदिन आवाजाही करते हैं।
विकासखंड के ग्राम पंचायत भीरी, डमार, टेमरिया, फेगू, नागजगाई, तिनसोली, बरम्वाड़ी, बष्टी आदि ग्राम पंचायतों के साथ ही भीरी-डमार न्याय पंचायत के गांवों को जोड़ने वाला भीरी-राजमाता पैदल पुल दुर्घटना का सबब बना हुआ है। प्रधान आरएस नेगी, सरपंच शिवानंद सेमवाल, राजेश नेगी, रशीद अहमद आदि का कहना है तीन वर्ष से पुल के समीप की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में लोनिवि समेत शासन-प्रशासन को भी अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। ऐसे में जहां पुल जर्जर हो रहा है। वहीं, निकट दुकान व आवासीय भवनों को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने लोनिवि से पुल के टूटे पुश्ते की मरम्मत की मांग की है।