ऊखीमठ तहसील का सेंचुरी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालयय गड़गू में तीन सप्ताह से पानी की सप्लाई बंद है। यहां अभिभावक ही स्कूल में पानी मुहैया करा रहे हैं। इस वैकल्पिक व्यवस्था से मीड-डे-मील बन रहा है। वर्तमान शिक्षण सत्र में विद्यालय में 18 छात्र-छात्राएं हैं।
दो दशक पहले स्वजल की ओर से गड़गू गांव व स्कूल के लिए पेयजल लाइन का निर्माण किया गया था। अब स्रोत पर पानी कम होने से सप्लाई ठप होने से ग्रामीण व स्कूली बच्चे परेशान हैं। ग्राम प्रधान सरिता देवी का कहना है कि विद्यालय में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था के लिए जलसंस्थान व जलनिगम को कई बार कहने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई है।
प्रधानाध्यापक आरएल आर्य का कहना है कि अभी तो अभिभावकों की मदद से पेयजल व्यवस्था हो रही है, लेकिन यह कितने दिन चलेगी, इसे लेकर संशय है।
65 स्कूलों में पेयजल संकट
जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गहड़ में जहां एक वर्ष से पेयजल सप्लाई ठप है, वहीं अन्य 64 प्राथमिक/जूनियर विद्यालयों की पेयजल सप्लाई अलग-अलग कारणों से बाधित है। यहां छात्र-छात्राओं की मदद से पानी की व्यवस्था हो रही है। बावजूद विभागीय स्तर पर ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। स्थिति यह है कि कई स्कूलों की पेयजल लाइनें आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हो पाई है।
जिन विद्यालयों में पेयजल समस्या है, वहां संबंधित शिक्षकों से जानकारी ली जा रही है। आपदा में प्रभावित विद्यालयों की पेयजल योजनाओं के मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए जल संस्थान को विभागीय स्तर पर धन आवंटित किया जा चुका है।- डा. विद्याशंकर चर्तुवेदी, डीईओ बेसिक रुद्रप्रयाग