पंचकेदार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में छह माह की शीतकालीन पूजा के लिए विराजमान
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बाबा केदार की भोग मूर्तियों को छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के गर्भगृह में विराजमान कर दिया गया है। इस मौके पर पूरा क्षेत्र बाबा केदार के जयकारों से गूंज उठा।
बुधवार को मराठा रेजीमेंट के सूबेदार कुमार हीरेमठ के नेतृत्व में 25 सदस्यीय बैंड दल की धुनों एवं ढोल-दमाऊं की थाप के साथ भगवान केदारनाथ की डोली दोपहर 12.30 बजे पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में पहुंची। जहां पर मौजूद सैकड़ों भक्तों ने फूल-मालाओं व अक्षत से आराध्य का स्वागत किया। ओंकारेश्वर मंदिर की परिक्रमा के उपरांत मंदिर के पुजारी बागेश लिंग ने बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली की आरती उतारी। साथ ही डोली को पंचकेदार गद्दीस्थल में विराजमान किया। इस मौके पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद केदार लिंग ने भोग मूर्तियों को डोली से उतारा और केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग को धाम की छह माह की पूजा के संकल्प से मुक्त किया। इस अवसर पर मंदिर के वेदपाठी आचार्य यशोधर मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी, आशाराम के वेद मंत्रोच्चारण के बीच बाबा केदार की भोग मूर्तियों को पुजारियों द्वारा मंदिर के गर्भगृह में विराजमान किया गया। इस मौके पर केदारनाथ से लाया गया उदक कुंड का जल एवं भष्म श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इससे पूर्व सुबह 10 बजे बाबा केदार की चल उत्सव डोली ने विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्ददीस्थल के लिए प्रस्थान किया। विद्यापीठ होते हुए पूर्वान्ह 11.30 बजे डोली जयवीरी पहुंची। जहां पर चुन्नी गांव के ग्रामीणों ने आराध्य को सामूहिक अर्घ्य लगाया। अल्प विश्राम के बाद दोपहर 12 बजे डोली देवदर्शनी पहुंची, जहां पर भक्तों द्वारा भगवान केदारनाथ का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस मौके पर देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, डोली प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण, पूर्व विधायक शैलारानी रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, खुशाल सिंह नेगी, पुलिस उपाधीक्षक जीएल कोहली, थानाध्यक्ष जहांगीर अली, पूर्व जिपं सदस्य संगीता नेगी आदि मौजूद थे।