मद्महेश्वर जल विद्युत परियोजना के फोरवे टैंक से चुन्नी गांव को पेयजल सप्लाई के आश्वासन पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। नारेबाजी के साथ धरना देते हुए आंदोलनकारियों ने मांगपूर्ति नहीं होने पर 12 अप्रैल से आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
शनिवार को नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा के नेतृत्व में चुन्नी गांव के ग्रामीण परियोजना के फोरवे टैंक के समीप एकत्रित हुए। उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नारेबाजी के साथ धरना शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि 2006 में उत्तराखंड जल विद्युत निगम की ओर से 15 किलोवाट की मद्महेश्वर जल विद्युत परियोजना का निर्माण शुरू किया गया था। तब, चुन्नी गांव के लोगों के साथ परियोजना अधिकारियों के साथ बैठक में सहमति बनी थी कि परियोजना के फोरवे टैंक से चुन्नी गांव के लिए दो इंच मोटी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर 2009 में ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। तब भी, परियोजना अधिकारियों से आश्वस्त किया था कि जल्द ही पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। लेकिन 13 वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस है। अब, परियोजना के अधिकारी इस प्रकार की किसी भी सहमति से मना साफ इंकार कर रहे हैं, जिससे वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। नगर राजकुमार तिवारी, विनोद रावत, कर्मवीर सिंह, अंजना रावत, धमेंद्र तिवारी, सोहन लाल, रणवीर पुष्पवाण, राजेश तिवारी, प्रेम सिंह रावत, नरेंद्र रावत, अखिलेश शुक्ला, पुष्पा देवी, आशा देवी, रुचि देवी आदि थे। इधर, उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता जीएस चौहान ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से फोरवे टैंक से पानी की सप्लाई संभव नहीं है। इस संबंध में ग्रामीणों से पूर्व में किसी भी प्रकार की सहमति नहीं हो रखी है। वैसे भी फोरवे टैंक का पानी पीने योग्य होता भी नहीं है। अगर, ग्रामीण कोई अन्य स्रोत बता दें, तो पेयजल लाइन का निर्माण प्राथमिकता से किया जाएगा।