शांतिपुरी में खेत में खड़ी गन्ने की फसल।
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शांतिपुरी। किच्छा चीनी मिल की ओर से दी जाने वाली गन्ना पर्चियों के वितरण में मनमानी से जवाहरनगर और शांतिपुरी के गन्ना किसानों में आक्रोश पनप रहा है। बारिश की मार से परेशान किसानों को एक साथ दर्जनों पर्चियां गन्ना सप्लाई के लिए थमा दी गई हैं। इसके चलते अब किसान बारिश के पानी से भरे खेतों से गन्ना कटाई को मजबूर हैं।
दरअसल किच्छा चीनी मिल प्रबंधन ने कुछ समय से बंद पड़ी गन्ना पर्चियों के वितरण को एकाएक शुरू कर दिया है। इससे कई किसानों को गन्ना सप्लाई के लिए 12 से अधिक पर्चियां थमा दी गई हैं। मिल प्रशासन के मनमाने व्यवहार से किसान परेशान और नाराज हैं। किसानों का आरोप है कि मिल प्रशासन ने पहले किसानों को समय से पर्चियां सप्लाई नहीं कर उनकी अगेती बुवाई का नुकसान किया। अब खेतों में जलभराव के बावजूद एक साथ कई पर्चियां जारी कर उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
शांतिपुरी नंबर दो और चार में किसानों के गन्ना पर्चियों की सप्लाई एक माह से बंद पड़ी है। जवाहरनगर के किसान और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित बिशन सिंह मेहरा ने बताया कि वर्तमान में उनके खेत में सवा एकड़ गन्ने की फसल लगी है। डेढ़ माह से एक भी पर्ची नहीं दी गई थी। वर्तमान में बारिश से खेत में पानी भरा है और मिल प्रशासन ने एक साथ नौ पर्चियां जारी कर दी हैं। उनके पास गन्ना छिलाई के लिए न तो मजदूर हैं और न ही खेत से निकासी का रास्ता है।
शांतिपुरी नंबर चार के किसान अशोक जोशी ने बताया कि पूरे सीजन में गन्ना पर्चियों के लिए सोसाइटी के चक्कर काटता रहा। हर बार पर्ची निकालने उनके दायरे के बाहर होने की बात कही गई थी। अब कांटा फ्री हुआ तो सारी पर्ची एक साथ भेज दी गईं हैं। इस संबंध में मिल प्रबंधन से संपर्क नहीं हो सका है।