पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता और लिखित आश्वासन के बाद केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने अपना 49 दिन से चला आ रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। लगभग दो घंटे से अधिक समय तक हुई वार्ता में तीर्थपुरोहितों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा। विभिन्न बिंदुओं पर लिखित में बनी दोनों पक्षों में सहमति बनने के तीर्थपुरोहितों ने अपना धरना समाप्त किया।
शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा व पुलिस उपाधीक्षक दीपक सिंह ने केदारनाथ पहुंचकर मंदिर परिसर में आंदोलनरत तीर्थपुरोहितों के साथ वार्ता की। दो घंटे चली वार्ता में केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों के तहत बगैर उनकी राय के उनके भवन, भूमि और दुकानों को न तो छेड़ा जाए और न अधिग्रहण किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्राकाल में भी प्रशासन उनके भवनों को अधिग्रहित नहीं करेगा। कहा कि अगर शासन- प्रशासन उनकी मांगों से सहमत है तो ही वह आंदोलन समाप्त करेंगे। इसके बाद अपर जिलाधिकारी ने प्रशासन की तरफ से तीर्थपुरोहितों की सभी मांगों पर लिखित में सहमति दी, जिसके बाद आम सहमति से आंदोलन समाप्त कर दिया। बीते 17 सितंबर को डीएम ने देवस्थानम बोर्ड के सीईओ के आदेश के आधार पर केदारनाथ मंदिर परिधि के 200 मीटर और वैली ब्रिज से मंदिर मार्ग तक किसी भी प्रकार के आंदोलन पर रोक लगा दी थी। साथ ही एडीएम व एसपी को आदेशानुसार जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत एडीएम व पुलिस उपाधीक्षक दीपक सिंह मय फोर्स केदारनाथ पहुंचे थे। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद तिवारी, चिमन लाल शुक्ला, अरुण बगवाड़ी, सौरभ शुक्ला, साकेत बगवाड़ी, नवीन बगवाड़ी आदि तीर्थपुरोहित मौजूद रहे। दूसरी तरफ ऊखीमठ के किमाणा गांव स्थित भोलेश्वर मंदिर में देवस्थानम बोर्ड के विरोध में आचार्य संतोष त्रिवेदी का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। ब्यूरो