शनिवार को एसडीएम देवमूर्ति यादव, तहसीलदार सुनील राज और अगस्त्यमुनि के थाना प्रभारी सीएस चौहान बष्टी पहुंचे। यहां आठ दिन से धरने पर बैठे मजदूरों से वार्ता कर पुन: काम शुरू करने को कहा गया। अधिकारियों की करीब तीन घंटे तक आंदोलनकारियों के साथ वार्ता को कोई नतीजा नहीं निकलने से काम शुरू नहीं हो पाया। आंदोलनकारियों का कहना था कि कंपनी ने एडिट क्रशर प्लांट पर छंटनी कर 36 लोगों को बेरोजगार कर दिया है। जबकि पहले कंपनी ने उन्हें नियमित रोजगार की बात कही गई।
धरना दे रहे राहुल बिष्ट का कहना था कि एलएंडटी प्रशासन की ओर से मजदूरों और प्रभावित लोगों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कंपनी पर ठेका प्रथा को बढ़ावा देकर मजदूरों से अनुचित तरीके से काम कराने का आरोप लगाया। धरना देने वालों में परवेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, योगेश, राजेश, रामसेवक, चंद्रदीप, गजेंद्र, भारत भूषण आदि थे। इधर, कंपनी के प्रबंधक अक्षय भारद्वाज का कहना है कि नियमों के तहत छंटनी की गई है।