पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणा के एक वर्ष बाद भी मयाली-रणधार-धारकुड़ी मोटर मार्ग पर डामरीकरण नहीं हो पाया है। मार्ग पर लोनिवि व पीएमजीएसवाई एक वर्ष से सोलिंग का काम भी पूरा नहीं किया है।
जखोली विकासखंड के चौंरा, बरसीर, पौंठी, खलियाण, मुनियागर, रणधार, बधाणी, गोरपा, जखवाड़ी, धारकुड़ी सहित बांगर और लस्या पट्टी के गांवों के लिए 80 के दशक में मयाली-रणधार मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। 90 के दशक में मार्ग का विस्तार कर धारकुड़ी तक किया गया। अब दो दशक बाद भी सड़क का डामरीकरण नहीं हो पाया। बीते वर्ष बधाणी मेला में पहुंचे तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने मार्ग के डामरीकरण/हॉटमिक्स की घोषणा की। बावजूद इसके अब तक स्थिति जस की तस है।
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर पंवार, राकेश काला, त्रिलोक सिंह रौतेला, दुलभ सिंह का कहना है कि लोनिवि व पीएमजीएसवाई में बंटे होने से सड़क सुधार कार्य सुस्त गति से हो रहा है। 28 किमी मार्ग पर सोलिंग के तहत पत्थर बिछाए गए हैं, जिससे वाहनों का आवागमन बमुश्किल से हो रहा है। इन हालात में वाहन चालक यात्रियों से 15 से 28 किमी तक का एक तरफा 50 से 80 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने जून माह तक मार्ग का डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मयाली-धारकुड़ी मार्ग का 19 किमी क्षेत्र लोनिवि के पास है। डामरीकरण के लिए 418 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। मार्ग पर पहले चरण की सोलिंग की जा रही है। जल्द दूसरे चरण की सोलिंग कर डामर बिछाई जाएगी।
--- इंद्रजीत बोस, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग