समिति ने इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर समिति आंदोलन करेगी।
समिति के जिलाध्यक्ष एमएस रावत व मंत्री एचबी शुक्ला ने बताया कि पूर्व में बेसिक विद्यालयों से शिक्षकों को एलटी में समायोजित किया गया था। अब तक जनपद में ऐसे समायोजित शिक्षकों को चयन/प्रोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जबकि वर्ष 2011 में अधिकांश जनपदों में ऐसे प्रकरण निस्तारित करते हुए शिक्षकों को चयन/प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी रुद्रप्रयाग जनपद के समायोजित शिक्षकों के हितों के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।