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नंदा गौरा योजना के लिए 13 जिलों में 54 करोड़ का बजट जारी

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रुद्रपुर। महिला सशक्तीकरण और बाल विकास विभाग ने नंदा गौरा योजना के क्रियान्वयन के लिए 54 करोड़ 21 लाख रुपये की धनराशि जिलों को आवंटित कर दी है। इसके साथ ही सभी जिलों के डीपीओ को अतिरिक्त अनुदान की प्रत्याशा में अनाधिकृत व्यय न करने और चालू वित्तीय वर्ष की देनदारी अगले वर्ष के लिए नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल बारहवीं पास उत्तीर्ण छात्राएं (72 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाणपत्र ) सभी बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन पत्र जमा कर सकती हैं।
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दरअसल प्रदेश में संचालित नंदा गौरा योजना को संशोधन के बाद 18 फरवरी से सात चरणों से घटाकर दो चरणों में कर दिया गया है। हालांकि 17 फरवरी तक पात्र परिवार की दो बालिकाओं को सात चरणों में आर्थिक लाभ मिलेेगा। संशोधन के बाद बालिका के जन्म पर 11 हजार बालिका/लाभार्थी की माता के खाते में ई-पेमेंट से और 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार की धनराशि लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
पहले योजना के तहत जन्म के समय 21 हजार रुपये देने का प्रावधान था और सात किस्तों में बालिका के विवाह तक 51 हजार की धनराशि दी जाती थी। वर्ष 2018-19 में योजना से छूटी बालिकाओं को इस वित्तीय वर्ष में लाभान्वित करने के लिए उनके आवेदन पत्र परियोजना कार्यालय में जमा करने की तिथि 31 जुलाई तक निर्धारित की गई है। इसके अलावा प्राइवेट दसवीं और 12वीं करने वाली बालिकाओं को भी योजना के लाभ के दायरे में लिया गया है। योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा देने के मकसद से लाभार्थियों के माता-पिता को कन्या के जन्म के तीन महीने के बजाय अब पांच महीने के भीतर बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करना अनिवार्य है। बजट आवंटन के साथ ही जिले के डीपीओ को व्यय धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल योजना प्रभारी निदेशालय को हर महीने उपलब्ध कराना होगा।
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महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि नंदा गौरा योजना के लिए बजट जारी करने के साथ ही सभी जिलों के डीपीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी पात्रों को योजना से लाभान्वित करें। हमारा प्रयास बालिकाओं के पैदा होने और शिक्षित होने को प्रोत्साहित करने का का है। इस योजना से लैंगिक अनुपात में भी अपेक्षित अंतर आएगा। पहले सात चरणों में मिलने वाले लाभ को लेकर लोगों का रुझान नहीं होने की वजह से इसे घटाकर दो चरणों का किया गया है। बालिकाओं का पूरा ख्याल रखते हुए योजना को संशोधित कर व्यवहारिक और सटीक बनाया गया है।
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किस जिले को कितनी राशि
जिला आवंटन बजट
यूएसनगर पांच करोड़
देहरादून पांच करोड़ 55 लाख
पौड़ी गढ़वाल तीन करोड़ 50 लाख
टिहरी गढ़वाल छह करोड़ 75 लाख
उत्तरकाशी तीन करोड़ 50 लाख
रुद्रप्रयाग एक करोड़ 28 लाख
चमोली छह करोड़ 30 लाख
हरिद्वार 10 करोड़ 18 लाख
नैनीताल पांच करोड़ 95 लाख
अल्मोड़ा एक करोड़ 40 लाख
बागेश्वर एक करोड़ 50 लाख
पिथौरागढ़ दो करोड़
चंपावत एक करोड़ 30 लाख
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