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हमारे समाज की पहचान ढोल, दमाऊ व मशकबीन : सीडीओ

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रुद्रप्रयाग। लोक वाद्य यंत्र ढोल, दमाऊं और मशकबीन के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए जिला प्रशासन ने अनूठी पहल की है। युवा कल्याण विभाग के माध्यम से तीनों ब्लाकों के इच्छुक 30 युवाओं के लिए एक माह का नि:शुल्क वाद्य यंत्र प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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अगस्त्यमुनि खेल मैदान में आयोजित प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए मुख्य विकास अधिकारी दाताराम जोशी ने कहा कि ढोल, दमाऊं और मशकबीन का हमारी संस्कृति में विशेष योगदान है। ये वाद्य यंत्र हमारी और समाज की पहचान है, लेकिन भौतिकवाद में बढ़ते संगीत संसाधनों के कारण ये पौराणिक वाद्य यंत्र गायब से हो गए हैं। ऐसे में इन यंत्रों और इससे जुड़े लोगों को पुन: समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए यह प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया है। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से पूरे मनोयोग से ढोल, दमाऊं और मशकबीन के गुर सीखने की अपील की। कहा कि ये वाद्य यंत्र यात्राकाल और बारामास रोजगार का जरिया बने, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर ढोल प्रशिक्षक मधुलाल, दमाऊं प्रशिक्षक कमल लाल और मशकबीन प्रशिक्षक मदनलाल व शरदलाल ने प्रशिक्षणार्थियों को ढोल सागर के बारे में बताया। उन्होंने ढोल-दमाऊं की ताल, सुर, राग और ध्वनि के अलग-अगल रूपों का अभ्यास के जरिए जानकारी दी। जिला युवा कल्याण अधिकारी केएन गैरोला ने बताया कि ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर भी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर कैंप कमांडेंट जगमोहन सिंह रावत, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी मनोज बजवाल, प्रधान सहायक देवेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।
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