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हिमालय के हर भू-भाग में होता नई चेतना का संचार : मोदी

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केदारनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिमालय के हर भू-भाग में नई चेतना का संचार होता है। प्रकृति और पर्यावरण को ध्यान में रखकर कार्य किया जाए तो हिमालय में विकास की असीम संभावनाओं का भंडार है, जिसे खोजने के लिए पूरा जीवन भी कम है। देश के अलग-अलग हिस्से से हिमालय का सौंदर्य और उसका महत्व वहां के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार को भी इस क्षेत्र में ठोस योजना तैयार कर धरातल पर कार्य करना चाहिए।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिमालय अपने आप में खोज है। यह क्षेत्र पर्यटन, तीर्थाटन और एडवेंचर से लेकर जड़ी-बूटी सहित हर्बल मेडिसन से उत्तराखंड के विकास को नई ऊंचाइयां दे सकता है। उन्होंने कहा कि हिमालय का देश के विकास और पर्यटन में अहम योगदान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, शिमला, दार्जिलिंग और सिक्किम के विकास में हिमालय का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। इन राज्यों की सरकारों ने इसे पर्यटन, पर्यावरण और प्रकृति से जोड़ा, जिसके सुखद परिणाम सामने हैं। उत्तराखंड के हिसाब से यह और भी अहम हो जाता है। केदारनाथ, बदरी विशाल सहित चारधाम हिमालय की गोद में बसे हैं। यह क्षेत्र प्रकृति से सीधे जुड़ा है, जो अपने आप में नए-नए शोधों को संजोए हुए हैं। ऐस में प्रदेश सरकार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को आगे आना चाहिए। यहां बिच्छू घास भी उगती है, जो अपने आप में कई औषधीय गुण संजोए हुए हैं। इसके अलावा, यहां हर्बल दवा के क्षेत्र में नई-नई खोजकर क्षेत्र और प्रदेश में रोजगार और पर्यटन को नई दिशा दी जा सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी, देश और दुनिया में अपना सामर्थ्य दिखा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, पानी और जवानी का उत्तराखंड के विकास में उपयोग कर विकास की नई गाथा लिखे, जो अन्य के लिए प्रेरणा बने। उत्तराखंड में देश का आदर्श और मॉडल राज्य बन सकता है। उन्होंने आर्गेनिक फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि सरकार इस पर योजना बनाए और जल्द धरातल पर कार्य शुरू करे।
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पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो टूरिज्म
केदारनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इसे विस्तार दिया जाना चाहिए। यहां हिमालय की गोद की पहाड़ियों, बुग्यालों में नैसर्गिंक सौंदर्य छिपा है, जिसे देश-दुनिया तक पहुंचाया जाना चाहिए।
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