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ग्रामीण डाक सेवक घर बैठे पहुंच रहे पैसा

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किच्छा के बरा में बीपी मरीज को घर जाकर एईपीएस से किया गया दस हजार रुपए का ट्रांजेक्शन। - फोटो : AMAR UJALA
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रुद्रपुर। जिले के 89 ग्रामीण डाक सेवक ग्रामीणों के लिए बड़े मददगार बन रहे है। ग्रामीण डाक सेवक घर-घर जाकर जरूरतमंदों को एईपीएस की सुविधा से दस हजार रुपये का न्यूनतम ट्रांजेक्शन दे रहे हैं। डाक सेवक मोबाइल एप के जरिए मोबाइल को सैनिटाइज करने के बाद ग्राहक का अंगूठा लगा रहे हैं। इसके साथ ही सामाजिक दूरी का भी पूरा पालन किया जा रहा है। किसी भी बैंक के खाताधारकों को कैश के लिए शाखा और एटीएम की तरफ दौड़ न लगाना पड़े इसके लिए संचार मंत्रालय की ओर से एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से किसी भी बैंक के खाताधारक को ग्रामीण डाकघरों से दस हजार रुपये निकालने की सुविधा दी गई थी। इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति को ग्रामीण डाकघर में आने में दिक्कत है तो ग्रामीण डाक सेवक खुद व्यक्ति के घर जाकर यह सुविधा देता है। जिले में 89 ग्रामीण डाकघर हैं, ऐसे में प्रत्येक डाकघर के एक व्यक्ति को जरूरतमंदों की मदद करने के लिए उनके घर ट्रांजेक्शन करने के लिए जाना पड़ता है। एईपीएस की सुविधा से ग्रामीण घर बैठे ही कैश ले सकते हैं। दो दिन पूर्व किच्छा की ग्रामीण डाक सेवक पोस्टमास्टर विनीता जीना ने बरा के रहने वाले एक ब्लड प्रेशर के मरीज को घर जाकर एईपीएस की सुविधा से दस हजार रुपये का ट्रांजेक्शन किया। सुधांशु प्रधान, क्षेत्रीय प्रबंधक, आईपीपी बैंक ने बताया कि जिले के 89 ग्रामीण डाकघरों में एईपीएस की सुविधा है, गांव से ही ग्रामीण कैश निकाल सकते हैं। मरीज व बुजुर्ग या जरूरतमंद लोगों के वहां ग्रामीण डाक सेवक घर में ही दस हजार रुपये तक का ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। लॉकडाउन के बाद से प्रतिदिन 70 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन हो रहा है।
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