जखोली। विकासखंड के लस्या पट्टी की ग्राम पंचायत बजीरा में 61 वर्ष के उपरांत भगवान नागेंद्र का पांच दिवसीय महायज्ञ अनुष्ठान पूर्णाहुति व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हो गया। इस मौके पर भगवान नगेला अपने रावल (पश्वा) पर अवतरित हुए और ध्याणियों व भक्तों की कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। कई ध्याणियां इस मौके पर भावुक हो गई, जिन्हें देवता ने शांत कराया।
शुक्रवार सुबह 7 बजे पंचांग पूजन और गणेश पूजन के उपरांत भगवान नागेंद्र की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मुख्य पुजारी आचार्य रामेश्वर थपलियाल व अन्य पुजारियों द्वारा देवता के प्राचीन गद्दीस्थल (मठ) के परिसर में आयोजित महायज्ञ के कुंड में आहुतियां दी गई। इस अवसर पर देव नृत्य का आयोजन भी हुआ, जिसमें भगवान नागेंद्र अपने पश्वा पर अवतरित हुए। साथ ही अन्य देवी-देवता भी अपने-अपने पश्वाओं पर अवतरित हुए और भक्तों से मिलाप कर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। नागेंद्र देवता ध्याणियों की कुशलक्षेम पूछते हुए स्वयं भी भावुक हो गए। इसके उपरांत विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पांच दिवसीय महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। इसके उपरांत भक्तों ने भंडारे में शामिल होकर आराध्य का प्रसाद ग्रहण किया। शाम 5 बजे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भगवान नागेंद्र की डोली ने प्राचीन गद्दीस्थल से प्रस्थान किया। इसके बाद गांव का भ्रमण करते हुए आराध्य नए मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए। ग्रामीण उमेद सिंह राणा, जीत सिंह नेगी, शिव सिंह नेगी, गोविंद सिंह नेगी, विजेंद्र सिंह राणा आदि ने अनुष्ठान के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों का आभार जताया।