केदारनाथ। बाबा केदार की यात्रा में इस बार वीवीआईपी और वीआईपी श्रद्धालुओं की संख्या काफी रही। कपाट खुलने और बंद होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां धाम में दो बार पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए, वहीं 24 सितंबर को महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केदारनाथ में मत्था टेका। वीवीआईपी श्रद्धालुओं के समय-समय पर धाम पहुंचने से शासन-प्रशासन यात्रा व्यवस्थाओं में भी सुधार में जुटा रहा।
3 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में पैदल और हवाई मार्ग से श्रद्धा और भक्ति का उल्लास खूब उमड़ा। आम श्रद्धालुओं के साथ खास शिव भक्त भी सीजन में धाम पहुंचते रहे। 14 मई को पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने परिवार के साथ बाबा केदार के दर्शन किए। 20 मई से मुरारी बापू द्वारा केदारनाथ धाम में मानस राम कथा का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से उनके भक्त कथा सुनने धाम पहुंचे। 8 जून को संत अवधेशानंद जी महाराज धाम पहुंचे। 9 जून को सीबीआई के डायरेक्टर ने धाम में दर्शन किए। इसी दिन रिलायंस प्रमुख व प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। उन्होंने बीकेटीसी को 60 लाख रुपये की राशि भी दी। 11 जून को केंद्रीय मंत्री उमा भारती व 17 जून को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने परिवार सहित बाबा केदार के दर्शन किए थे। 19 जून को झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष परिवार सहित केदारनाथ आए। 9 जुलाई को पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह, 29 अगस्त को केंद्रीय पर्यटन सचिव रश्मि बर्मा, 30 अगस्त को फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत, फिल्म निर्देशक अभिषेक कूपर व केदारनाथ फिल्म की यूनिट ने केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन किए। 31 अगस्त को अक्षरधाम गुजरात के महंत साधु तीर्थ स्वरूप ने अपने 200 शिष्यों के साथ बाबा केदार के दर्शन किए थे। 20 सितंबर को आईटीबीपी के डीजीपी आरके पचनंदा ने अन्य अधिकारियों के साथ बाबा के दर्शन किए। 25 सितंबर को हिमाचल और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और दिलीप बी भौंसले और नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय शर्मा धाम पहुंचे। इसी दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बहिनें नीना शाह व रूपा शाह ने बाबा केदार के दरबार में मत्था टेका। बीते 1 अक्तूबर को भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह केदारनाथ पहुंचे थे। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह का कहना है कि इस वर्ष की आमजन के साथ खास श्रद्धालु भी धाम में खूब पहुंचे, जिसका यात्रा को निरंतर लाभ मिलता रहा। इससे आने वाले समय में भी यात्रा को और गति मिलने की उम्मीद है।