तिलवाड़ा। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति ने सड़क, शिक्षा, सिंचाई व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निराकरण न होने पर रोष जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति ने बैठक कर भावी रणनीति पर चर्चा करते हुए शासन, प्रशासन से समस्याओं पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष ओपी बहुगुणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदाधिकारियों का कहना था, कि सिलगढ़ पट्टी में यातायात, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। जैली-मरगांव-तैला, चाका-बुडोली, बंदरतोली-मवाणगांव-उरोली, मुसाढुंग-पाली, सुमाडी-तैला, विजयनगर-तैला गुप्तकाशी-मयाली और सूर्यप्रयाग-मुसाढुंग मार्ग हादसों को न्योता दे रहे हैं। सिलगढ़ पेयजल योजना एक दशक बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। बताया कि तिलवाड़ा से सिद्धसौड़ के लिए बस सेवा का संचालन नहीं हो रहा है, जिस कारण लोगों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। कहा कि अगर एक माह में लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो, समिति क्षेत्रीय जनता के साथ जिला मुख्यालय पर धरना-प्रर्दशन के लिए बाध्य होगी। बैठक में, दिसंबर में सिलगढ़ विकास महोत्सव के आयोजन का भी निर्णय लिया गया। इस मौके पर महामंत्री दीपक रावत, उपाध्यक्ष दरमियान जखवाल, कोषाध्यक्ष बलवीर सिंह, विधि सलाहकार कृपाल पंवार, बलवीर सिंह, सुनील बुटोला, मेहरमान सिंह, दलेभ सिंह, कनिष्ठ प्रमुख कमल सिंह रावत, यशवीर सिंह, लीलानंद थपलियाल समेत अन्य लोग मौजूद थे।