रुद्रप्रयाग। जनपद के 17 ग्राम पंचायतों में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बंजर भूमि पर जड़ी-बूटी व फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए डीएम ने उद्यान व कृषि विभाग को कार्ययोजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सब्जी, फल व जड़ी-बूटी उत्पादन में आत्मनिर्भर और किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए टेमरिया, भटवाडी, कोटगी, नगरासू, त्रियुगीनारायण, जैली, पीड़ा, बाड़ा, नवासू, देवांगना, सल्या, लुठियाग, गैठाणा, दानकोट, डांगी बांगर, जालमल्ला, कालीमठ आदि गांवों को चुना गया है। यहां बंजर भूमि में फल, सब्जी सहित जड़ी-बूटी के पौधों का रोपण किया जाएगा। साथ ही डेयरी विकास को लेकर भी गांवों में कार्य किया जएगा। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने रेखीय विभाग के अधिकारियों के साथ चयनित ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों को लेकर बैठक की। उन्होंने कृषकों को मौसम के अनुकूल बीज वितरण की शिकायत पर अधिकारियों को फटकार लगाई। इस मौके पर उद्यान, जड़ी-बूटी व डेयरी विकास के बारे में संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्ययोजना की सही जानकारी नहीं देने पर डीएम ने सीडीओ को इन अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही आजीविका से सक्षम अधिकारी के बैठक में शामिल नहीं होने पर स्पष्टीकरण मांगा। डीएम ने उद्यान विभाग से बीते 8 मार्च को बीज के वितरित किए गए 5 हजार मिनी किट की रिपोर्ट सहित ग्रामवार कृषकों की सूची व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने जिले में पेयजल संकट से प्रभावित 50 गांवों में अनिवार्य रूप से जल संरक्षण, संवर्धन के कार्य बरसात से पूर्व करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर सीडीओ, पीडी सहित अन्य विभागीय अधिकारी थे।