जखोली। ग्राम पंचायत पूलन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित शिविर में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि यदि कोई उनके अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो वे उसके खिलाफ आवाज उठा सकती हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आरती सरोहा ने बताया कि सभी व्यक्तियों को कानून का समान संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान-तकनीक, लिंग चयन) प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भवती स्त्री के गर्भ की जांच केवल इस उद्देश्य से करना है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की, कानूनन जघन्य अपराध है। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम घरेलू हिंसा सहित महिला संरक्षण एवं पोक्सो अधिनियम के बारे में भी बताया। इस मौके पर डीएम मंगेश घिल्डियाल, एसडीएम देवमूर्ति यादव भी मौजूद थे।