रुद्रप्रयाग। बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गत दिसंबर माह में भीरी गांव में एक शिशु की मौत की जानकारी नहीं होने पर संबंधित ब्लाक के मेडिकल आफिसर इंचार्ज व बीपीएम से जवाब मांगा। साथ ही दो विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान छात्र संख्या न्यून होने पर एएनएम व आशा से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए बीते वर्ष दिसंबर में भीरी गांव में एक शिशु की मौत की जानकारी नहीं होने पर एमओआईसी व बीपीएम से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने गौरी मेमोरियल पब्लिक स्कूल, प्राथमिक विद्यालय चिडपी और आंगनबाड़ी केंद्र उदियाण, सौराखाल व घरियाणां में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को पहुंची आरबीएसके की टीम को छात्र-छात्राओं की न्यून संख्या पर एएनएम व आशा का स्पष्टीकरण लेेने के निर्देश दिए। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिन एएनएम व आशाओं द्वारा शिशु मृत्यु की सूचना समय पर ब्लाक एमओआईसी को नहीं दी जा रही है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने आयुष्मान योजना का प्रचार प्रसार गांव-गांव तक हो इसके लिए आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मिलकर गांवों में कैंप लगाने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम सदर देवानंद समेत स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा व बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।