रुद्रप्रयाग/पौड़ी। सावन माह के दूसरे सोमवार को केदारनाथ सहित जिले के मठ-मंदिरों में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में कीर्तन-भजन का आयोजन भी किया गया है।
सोमवार को प्रात: 4 बजे से ही केदारनाथ धाम में बाबा के जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। यहां भक्तों ने सरस्वती व मंदाकिनी नदी के संगम के जल से आराध्य का जलाभिषेक किया। द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ सहित विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, कोटेश्वर महादेव रुद्रप्रयाग, महर्षि अगस्त्य मंदिर अगस्त्यमुनि, बैरागणा महादेव, रुद्रनाथ मंदिर, पुंडेश्वर महादेव, रुच्छ महादेव कालीमठ, तुंगनाथ मंदिर फलासी के अलावा अन्य मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ जुटी रही। अलकनंदा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कोटेश्वर में पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
वहीं पौड़ी जिले में क्यूंकालेश्वर, कंडोलिया व लक्ष्मीनारायण मंदिर में श्रद्धालुओं ने शिव को बेलपत्र, दूध और जल चढ़ाया।
पंचद्रव्यों से किया भोलेनाथ का महाभिषेक
कर्णप्रयाग/नारायणबगड़/गैरसैंण/गोपेश्वर। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पंचद्रव्यों से भगवान भोलेनाथ का महाभिषेक किया। कर्णप्रयाग के संगम तट, मुख्य बाजार, सांकरी सेरा शिव मंदिर, वशिष्ठेश्वर महादेव लंगासू, गोमती प्रयाग, टटेश्वर महादेव मंदिर डिम्मर, छांतेश्वर महादेव मंदिर नैनीसैंण, जलेश्वर महादेव मंदिर, शैलेश्वर महादेव मंदिर बेनोली और बासुकेश्वर महादेव सूगी में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। नारायणबगड़ के महामृत्युंजय महादेव, लव-कुश महादेव मंदिर, आदिबदरी नाथ मंदिर प्रांगण में स्थित शिव मंदिर, गैरसैंण और मेहलचौंरी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा की।
वहीं गोपेश्वर में दिनभर मंदिरों में भक्तों के बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। गोपीनाथ मंदिर के साथ ही चतुर्थ केदार रुद्रनाथ, पंचम केदार कल्पनाथ, बामनाथ, बटलेश्वर, सकलेश्वर, गोपेश्वर पुलिस लाइन शिवालय, बिरही महादेव मंदिरों में दिनभर भक्तों का हुजूम उमड़ा रहा।