रुद्रप्रयाग। सौरगढ़-भटगांव मार्ग निर्माण से ध्वस्त सिल्ली पेयजल योजना की ढाई वर्ष बाद भी मरम्मत नहीं हो पाई है। लोनिवि व जलसंस्थान के बीच तालमेल के अभाव में ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने गढ़वाल कमिश्नर को पत्र लिखकर योजना मरम्मत की मांग की है।
जून 2015 में लोनिवि प्रांतीय खंड, रुद्रप्रयाग ने चार किमी सौरगढ़-भटगांव सडक़ का निर्माण शुरू किया था। मार्ग कटिंग से निकले मलबे से सिल्ली कस्बे के लिए संचालित जलसंस्थान की पेयजल योजना और सिंचाई विभाग की नहर ध्वस्त हो गई थी। इस समस्या से 40 से अधिक परिवारों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया। नहर टूटने से काश्तकारों की 600 एकड़ भूमि सूखने के कगार पर पहुंच गई। बरसात के बाद लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था से पेयजल लाइन व नहर पर पानी आपूर्ति का प्रयास किया गया। बीते वर्ष 17 मार्च को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम रंजना को भी समस्या बताई। उन्होंने लोनिवि व जलसंस्थान के अधिकारियों को समस्या हल करने के निर्देश दिए। तब, लोनिवि द्वारा ग्रामीणों के सहयोग से रबर के पाइप से दूसरे स्रोत से पेयजल सप्लाई कराई गई। लेकिन कुछ दिनों में मलबे के ढेरों के दरकने से सभी पाइप क्षतिग्रस्त हो गए। पूर्व कनिष्ठ प्रमुख रमेश चंद्र बेंजवाल, देवी प्रसाद गोस्वामी, पूर्व प्रधान अरुणा देवी, भगवती प्रसाद, जयकृष्ण आदि का कहना है कि जनता दरबार व तहसील दिवस में बार-बार मुद्दे को उठाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ढाई वर्ष से प्रभावित परिवार जान हथेली पर रखकर मंदाकिनी नदी से अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए लोनिवि को 20 लाख का इस्टीमेट भेजा गया है। लेकिन अभी तक विभाग से पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने से योजना का पुनर्निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
- संजय सिंह, ईई जलसंस्थान रुद्रप्रयाग
सड़क निर्माण से जलसंस्थान की ढाई किमी क्षेत्र में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। विभाग ने हमें 10.34 लाख का इस्टीमेट सौंपा था, जिसका भुगतान किया जा चुका है। बाद में विभाग ने पुन: 18 व 20 लाख के रिवाइज इस्टीमेट भेजे हैं, जिनका भुगतान संभव नहीं है।
- इंद्रजीत बोस, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग