रुद्रप्रयाग। जिले के 15 विद्यालयों को ‘स्वच्छ भारत विद्यालय पुरस्कार’ दिया गया। चयनित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को डीएम की ओर से प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि स्वच्छ भारत विद्यालय के तहत पुरस्कृत विद्यालयों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें सतत स्वच्छता के साथ अन्य स्कूलों को भी प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने शिक्षक वर्ग से लोगों को भी सफाई के प्रति जागरूक करने को कहा, जिससे स्वच्छता के लिए जनपद को नई पहचान मिल सके। बताया कि स्वच्छ भारत विद्यालय पुरस्कार के लिए विद्यालयों को पांच मानक पानी, शौचालय, छात्रों के व्यवहार में परिवर्तन, हैंड वाशिंग विद सोप, ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट के तहत चुना गया है। जनपद में ओवर ऑल प्रदर्शन के आधार राजकीय जूनियर हाईस्कूल पाली, प्राथमिक विद्यालय चैंड़ी, प्राथमिक विद्यालय पाली, जीआईसी रुद्रप्रयाग, प्रावि लमगौंडी, जीआईसी ल्वारा, प्रावि सिद्धनगर, नागेंद्र इंटर कालेज बजीरा, प्राथमिक विद्यालय कविल्ठा को पुरस्कृत किया गया। जबकि व्यवहार बदलवा व कैपेसिटी बिल्डिंग में प्राथमिक विद्यालय जाबरी व जूनियर हाईस्कूल पाली, हैंडवाशिंग विद सोप में प्राथमिक विद्यालय जरम्वाड़ को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर चयनित प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्यों को डीएम ने प्रशस्ति पत्र और प्रतिक चिन्ह भेंट किए। इस मौके पर मुख्य शिक्षाधिकारी सीएन काला, डीईओ माध्यमिक एलएस दानू, डीईओ बेसिक विद्याशंकर चतुर्वेदी, सर्वशिक्षा के एई अजय शर्मा समेत विद्यालयों के मुखिया मौजूद थे।