रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने 13 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। 17 अगस्त को देहरादून में आयोजित महारैली और सीएम आवास कूच में जनपद के सैकड़ों शिक्षक/कर्मचारी प्रतिभाग करेंगे। इस संबंध में मोर्चा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भी भेजा है।
यहां आयोजित प्रेसवार्ता में मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा, कि लंबे समय से 13 सूत्री मांगों के निस्तारण की मांग हो रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। कहा गया कि सरकार द्वारा मांगों पर अमल नहीं किया गया तो 23 से 25 तक सामूहिक कार्य बहिष्कार और 27 अगस्त से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर मुख्य संयोजक केएन भट्ट, संयोजक बीएस झिक्वांण, सचिव डीएस राणा, जिलामंत्री एसएस पंवार आदि मौजूद थे।
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ये हैं मांगे --
शिक्षकों/कर्मचारियों को सेवाकाल में उत्तराखंड के कार्मिक विभाग द्वारा जारी नियमावली के तहत 3 पदोन्नति व 3 एसीपी का लाभ दिया जाए।
रुपये 4600 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को रुपये 17140 मूल वेतन अनुमन्य कर संवर्गीय वेतन विसंगति दूर की जाए।
पूर्व एसीपी 10, 16, 26 पदोन्नति के साथ कार्मिकों को दी जाए और ऊर्जा निगम के कर्मिकों को 9, 14, 19 एसीपी का लाभ दिया जाए।
चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को एसीपी के तहत ग्रेड पे 4200 दिया जाए और ढांचों में मृत घोषित पदों को पुनर्जीवित किया जाए।
सातवें वेतनमान की संस्तुतियों के तहत भत्तों का लाभ, डीए भुगतान किया जाए।
निगम, उपक्रम व संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को नए वेतनमान का एरियर दिया जाए।
यू हेल्थ कार्ययोजना का लाभ सभी कर्मियों को मिले और उपनल आउटसोर्स को नियमित किया जाए।
इंदु कुमार पाडें की अध्यक्षता वाली वेतन समिति को भंग करते हुए पूर्व की भांति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियां दूर की जाए सहित अन्य मांगों का निस्तारण किया जाए।