अनुसूचित जाति के परिवारों को समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जाति पुत्री की शादी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में 37 परिवारों को तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी धनराशि नहीं मिल पाई है। आए दिन विभाग का चक्कर लगा रहे लोगों को विभागीय अधिकारी बजट का रोना रोकर बैरंग लौटा रहे हैं।
उत्तराखंड सरकार द्वारा एससी परिवारों और सामान्य जाति में विधवा महिलाओं को दो पुत्रियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। कई परिवारों को आवेदन के तीन वर्ष बाद भी लाभ नहीं मिल पाया है। वर्ष 2013 में जखोली ब्लाक के पौंठी गांव के रमेश लाल, कंडाली गांव के प्रेमलाल, कंडारा के सेनू लाल सहित 166 एससी परिवारों ने धनराशि के लिए आवेदन किया था। लेकिन 37 परिवार योजना से वंचित रह गए, जिन्हें तीन वर्ष बाद भी अनुदान नहीं मिल पाया है।
अगस्त्यमुनि ब्लाक के नाकोट गांव निवासी कुंवर लाल का कहना है कि बेटी के विवाह के लिए रिश्तेदारी में 60 हजार रुपये का कर्ज लिया था। सोचा था योजना से मिलने वाली धनराशि से कर्ज निपटा लूंगा, लेकिन तीन वर्ष बाद भी लाभ नहीं मिला है। उल्टा कर्ज लिए रुपयों का ब्याज बढ़ रहा है।
दैड़ा के मंगल लाल, ल्वारा के भगत लाल, भीरी के विजयराम का कहना है दो वर्ष से हर महीने विभाग के चक्कर लग रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता बीएल शाह का कहना है कि सीएम को भी कई बार इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है। बावजूद छूटे परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
योजना में प्रत्येक वित्त वर्ष में बजट के हिसाब से धनराशि का वितरण होता है। जो परिवार छूट गए हैं, उनके आवेदनों के बारे में पुन: जानकारी अर्जित की जाएगी।
बीएस रावत
जिला समाज कल्याण अधिकारी, रुद्रप्रयाग