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35 हजार काश्तकारों को मुआवजे का इंतजार

Fri, 10 Jul 2015 08:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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जनपद में 443 गांवों के 35 हजार काश्तकारों को बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से नष्ट हुई फसलों का अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जिले में 681 गांवों में 4612.074 हेक्टयर भूमि पर बोई गई फसलें नष्ट हो गई थी और 57 हजार से अधिक काश्तकार प्रभावित हुए थे।
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जनपद में ऊखीमठ तहसील के 204 गांवों की 1776.822 हेक्टयर, रुद्रप्रयाग के 297 गांवों की 1577.683 हेक्टयर, जखोली के 114 गांवों की 534.122 हेक्टयर और बसुकेदार तहसील के 66 गांवों की 523.443 हेक्टयर भूमि पर फसलें नष्ट हो गई थी। सरकार ने प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने की घोषणा की गई थी।


राजस्व विभाग ने क्षति का आकलन कर जिले की चार तहसीलों में  57 हजार से अधिक काश्तकारों के मुआवजे के लिए 8 करोड़ 32 लाख 96 हजार 719 रुपये की मांग शासन को भेजी।
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इसके सापेक्ष जनपद को पहली किश्त में 2 करोड़ 81 लाख 72 हजार 4 सौ रुपये प्राप्त हुए, जो तीन तहसीलों के 238 गांवों के 21017 काश्तकारों को वितरित की गई।

तीन माह से शासन से पैसा नहीं मिलने से जनपद के 443 गांवों के प्रभावित काश्तकार तहसील से लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं।


केस एक
अगस्त्यमुनि ब्लाक के सिल्ला गांव की सतेश्वरी देवी, परमेश्वरी देवी और जानकी देवी की 60 नाली से अधिक भूमि पर बीते वर्ष गेहूं, जौ, मटर सहित सब्जियां बर्फबारी और ओलावृष्टि से नष्ट हो गई थी। प्रभावितों को मुआवजे का एक भी रुपया नहीं मिला है।

केस दो  
मदोला गांव के कुंवर सिंह नेगी, धीरज सिंह नेगी, तेज सिंह नेगी, उमराव सिंह नेगी की ढाई सौ नाली से अधिक भूमि पर फसलें नष्ट हो गई थी। इन्हें भी अब तक मुआवजा नहीं मिला है। काश्तकार तीन माह से अधिक बार तहसील का चक्कर लगा चुके हैं।

कोट-
शासन से आठ करोड़ से अधिक की मांग के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में करीब दो कराड़ अस्सी लाख मिले। यह राशि तहसीलवार के माध्यम से वितरित कर दी गई है। शेष राशि के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है।- डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग
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