अगस्त्यमुनि। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना व जिला प्रशासन की ओर से दो दिवसीय हिलांस कृषि मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ। मेले में अगस्त्यमुनि व जखोली ब्लाक के 15 स्वायत्त सहकारी फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। इस मौके पर विभागों व काश्तकारों ने स्टॉल लगाकर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी की।
खेल मैदान में दो दिवसीय मेले का शुभारंभ करते हुए बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूह फेडरेशन और व्यक्तिगत खेती कृषि उद्योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को मंच प्रदान करना है। आगामी यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम व अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए फूल और स्वयंभू लिंग पर लगाए जाने वाले घी की आपूर्ति स्थानीय फेडरेशनों के माध्यम से की जाएगी। कहा कि स्थानीय उत्पादों के संग्रहण के लिए सोनप्रयाग व केदारनाथ तक संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे। जबकि गौरीकुंड से केदारनाथ तक 5 स्थानों पर सहकारिता स्टॉल लगाए जाएंगे, जिसमें स्थानीय उत्पाद व स्थानीय व्यंजनों को यात्रियों को परोसा जा सके। इस मौके पर जिलाधिकारी ने हिलांस टोपी का भी लोकार्पण किया। किसान मेले में विशेषज्ञों द्वारा पशुपालन व औद्यानिकी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में परम संस्था व पहचान नाटक मंडली के अलावा बडगांव मल्ला, कार्तिक स्वामी सहकारिता समिति, संजीवनी समिति कंडारा, लाटा बाबा फेडरेशन जैली, हरियाली समूह गहड़ाखाल की महिलाओं द्वारा गीत, झुमेलों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। नगर पंचायत अध्यक्षा अरुणा बेंजवाल व खुगशाल गणी के संचालन में आयोजित दो दिवसीय हिलांस किसान मेला के शुभारंभ पर नोडल अधिकारी रईस अहमद, मेला प्रभारी ममता मेहरा, बीडीओ धनेश्वरी नेगी, राज्य प्रभारी संजय सक्सेना, परियोजना प्रबंधक मोहम्मद आरिफ खान, तकनीकि संस्थान एसिड़ समन्वयक नागेंद्र संगवान, रघुवीर सिंह नेगी, राज्य मेला प्रभारी, शशिकांत यादव, नोडल प्रभारी नंदकिशोर, डा. अनिल कांत, नीलकांत, सीएओ एसएस वर्मा, डीएचओ योगेंद्र चौधरी समेत अन्य अधिकारी व काश्तकार मौजूद थे।