मंगलवार शाम से रुक-रुककर हो रही बारिश से जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांवों को जोड़ने वाले 25 संपर्क मार्ग जगह-जगह पर अवरुद्ध हो गए हैं, जिस कारण गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जिले में कई सड़कें एक माह से बंद हैं।
दो दिन मौसम ठीक होने से लोनिवि व अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा अधिकांश मोटर मार्गोे को ठीक कर दिया गया था। लेकिन पिछले 16 घंटे से हो रही बारिश से पुन: एक सप्ताह जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
जखोली, अगस्त्यमुनि व ऊखीमठ ब्लाक के गांवों को जोड़ने वाले 25 संपर्क मार्ग भू-धंसाव, भूस्खलन और पुश्ता ढहने से बंद हो गए हैं। बुधवार को इन मार्गों पर यातायात पूरी तरह से बंद रहा। स्थिति यह रही कि कई गांवों के लोगों को मीलों पैदल चलकर बाजार व अन्यत्र स्थानों तक जाना पड़ा।
बंद पड़े संपर्क मार्ग
बुधाणी-मयकोटी, मयाली-रणधार, कोलू बैंड-तडाग-उर्खोली, सिराई-नंदवाणगांव, विजयनगर-पठालीधार, भीरी-परकंडी, धद्दी-सेरा-बांसी, विनोवाधार-स्यूर, गोरपा-सिरवाड़ी, कुसुमगाढ-सुरसाल, सल्या-तुलंगा, पठाली-पलद्वाडी, स्यूंणी-टैंठी-पाटा, बलसुंडी-अखोडी, सणगू-सारी, रांसी-तलसारी, नारी, द्योलाधारबैंड-गणेशनगर, मोहनखाल-क्यूंजा-भीरी-परकंडी-जलई, लंबगौंडी-देवलीभणिग्राम, कोलूबैंड-स्वांरीग्वांस, बाडव-मल्ला-कांदी संपर्क मार्ग जहां पुन: बंद हो गए हैं। वहीं जखनोली बैंड-कुरछोला और रैतोली-जसोली मार्ग पिछले एक माह से अधिक समय से अवरूद्ध हैं।
पांच घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
मंगलवार रात से हो रही बारिश के कारण ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बुधवार को सिरोहबगड़ में तड़के से बंद रहा। एनएच द्वारा प्रात: 9 बजे मशीनों की मदद से मलबा सफाई कर यातायात बहाल किया गया। उधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग चंद्रापुरी के समीप पहाड़ी से गिरे मलबे के कारण दो घंटे बंद रहा। एनएच द्वारा शाम चार बजे राजमार्ग खोल दिया गया। दूसरी तरफ मुनकटिया और गौरीकुंड पार्किंग के बीच सड़क बंद पड़ी है।