रुद्रप्रयाग। राजकीय प्राथमिक विद्यालय डुंग्री के बच्चों ने डीएम से अपने स्कूल भवन की मरम्मत की मांग की है। स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त होने से बच्चों को अन्य स्कूल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन इससे बच्चों की मुश्किलें और भी बढ़ गई है। जहां 17 अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को एक ही कक्षा में पढ़ना पढ़ रहा है, वहीं अब वह ढाई किमी अतिरिक्त सफर तय कर स्कूल पहुंच रहे है।
अगस्त्यमुनि ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय डुंग्री (सुमेरपुर) का भवन इस वर्ष 14 मई को तेज आंधी से क्षतिग्रस्त हो गया था। तब, एसएमएसी व विभाग के निर्णय पर स्कूल को करीब एक किमी दूर राजकीय जूनियर हाईस्कूल सुमेरपुर में शिफ्ट किया गया था। जहां प्राथमिक विद्यालय की पांच कक्षाओं का संचालन एक कक्ष में हो रहा है। इसकी दीवारें सीलन से पटी पड़ी हैं। छत से चूना व सीमेंट की परत दरक रही है। दरवाजे और खिड़की भी टूटी उखड़ी हुई हैं। जबकि जूहा भवन सुमेरपुर में (जूहा व राप्रावि डुंग्री) 8 कक्षाओं का संचालन तीन कक्षा-कक्षों में हो रहा है। प्राथमिक की सभी पांच कक्षाएं व कार्यालय क्षतिग्रस्त एक कक्ष में चल रहा है। वहीं, जूहा की एक कक्षा बरामदे में और दो कक्षा-कक्षों में चल रही हैं। कक्षा 1 की छात्रा खुशी सबसे दूर से यहां पढ़ने पहुंचती है। बच्ची के माता-पिता उसे स्कूल तक छोड़ने आते हैं। प्रधानाध्यापिका गुड्डी भंडारी ने बताया कि कमरे की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, ऐसे में दिक्कत हो रही है।
रुद्रप्रयाग के डीईओ बेसिक डा. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि प्रावि डुंग्री के आंधी से क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत के लिए जिला योजना में प्रस्ताव रखा गया है। बजट स्वीकृत होने पर मरम्मत कर दी जाएगी।