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लोकसंगीत व रीति-रीवाजों के संरक्षण को एकजुटता जरूरी: पांडवाज

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अगस्त्यमुनि। दस्तक परिवार की ओर से आयोजित फूलदेई महोत्सव एवं घोघा जातरा में दूर-दराज के 23 बाल टीमों ने प्रतिभाग किया। सर्वश्रेष्ठ घोघा टीम तालजामण और सर्वश्रेष्ठ फुलारी टीम का पुरस्कार ऊं कार्तिकेय टीम जवाहरनगर को मिला। इस मौके पर आयोजित समिति द्वारा बेडा गायन के लिए चकोरी देवी को सम्मानित किया गया।
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खेल मैदान में आयोजित फूलदेई महोत्सव एवं घोघा जातरा का शुभारंभ ढोल-दमाऊं की थाप पर फूलदेई गीतों के साथ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पांडवाज ग्रुप के ईशान डोभाल, कुणाल डोभाल व सलिल डोभाल ने कहा कि लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। कहा, लोकगीत, नृत्य और तीज-त्योहार हमारी संस्कृति की पहचान है, जिनके प्रचार-प्रचार के लिए इस तरह के आयोजन जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल ने कहा कि दस्तक परिवार जहां पारंपरिक रीति-रीवाजों को बढ़ावा दे रहा है। वहीं बाल प्रतिभाओं को मंच भी प्रदान कर रह रहा है। इसके उपरांत आयोजित फूलदेई महोत्सव व घोघा जातरा प्रतियोगिता में अलग-अलग गांवों से पहुंची 23 बाल टीमों ने पारंपरिक गीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी। फुलारी प्रतियोगिता में मां मठियाणा बैनोली द्वितीय और वन दुर्गा तालजामण की टीम तृतीय स्थान पर रही। जबकि खुशी नेगी को व्यक्तिगत स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ फुलारी का पुरस्कार मिला। इस अवसर पर हरीश गुसाई, दीपक बेंजवाल, रागिनी नेगी, कुसुम भट्ट, सुधीर बर्त्वाल, रमेश बेंजवाल, गजेंद्र रौतेला आदि मौजूद थे।
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