एक समय में 200 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। कपाट खुलने के बाद आने वाले दिनों में जैसे-जैसे श्रद्घालुओं की संख्या बढ़ेगी, उसी के हिसाब से टोकन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। नंबर के हिसाब से दो-दो सौ श्रद्धालुओं के जत्थे को दर्शनों के लिए मंदिर परिसर में बुलाया जाएगा।
इस व्यवस्था से जहां मंदिर परिसर में ज्यादा भीड़ नहीं रहेगी, वहीं, श्रद्धालुओं को भी तेज धूप और बारिश में घंटों लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। वे अपने नंबर के हिसाब से दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचते रहेंगे।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बर्फबारी के बाद केदारनाथ धाम में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस बार प्राथमिकता से टोकन सिस्टम से दर्शन कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत श्रद्घालुओं को घंटों लाइन में खड़े रहने से निजात मिलेगी। साथ ही प्रशासन व पुलिस को भी व्यवस्थाएं बनाए रखने में मदद मिलेगी।