गुप्तकाशी। कालीमठ घाटी के कविल्ठा गांव में तीन दिवसीय महाकवि कालीदास समारोह का उद्घाटन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के प्रतिनिधि के तौर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने किया। कहा, कि यह क्षेत्र ही नहीं वरन प्रदेश का सौभाग्य है कि महाकवि कालीदास की यह जन्मभूमि है। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
मंगलवार को कविल्ठा गांव में शुरू हुए समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुंवर ने कहा कि महाकवि कालीदास के ग्रंथों में हिमालय और कालीमठ क्षेत्र का वर्णन मिलता है। उन्होंने नई पीढ़ी से इस आयोजन के संरक्षण के साथ प्रचार-प्रसार के लिए कहा, जिससे अधिकाधिक लोग गांव और क्षेत्र को देख कर यहां की प्रकृति के बारे में जाने। इस मौके पर समारोह समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत ने मुख्य अतिथि का सम्मान कर उन्हें शॉल भेंट किया। समिति के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कविल्ठा गांव में महाकवि कालीदास के नाम पर संग्राहलय निर्माण की मांग की। ग्राम प्रधान संगठन के मोहन सिंह राणा ने कालीमठ क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक से क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा में सुधार की मांग की। श्रीनगर के पूर्व पालिकाध्यक्ष डा. कृष्णानंद मैठाणी ने महाकवि कालीदास की जन्मभूमि कविल्ठा सहित समूची घाटी के विकास पर जोर दिया। समारोह में आचार्य सुरेशानंद गौड़, कृपाल सिंह राणा, कालिका प्रसाद सेमवाल, नरेंद्र सिंह रावत, जय प्रकाश गौड सहित कई गणमान्य मौजूद थे।