रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के स्यूपुरी-सतेराखाल गांव पहुंचकर स्व. धन सिंह बर्त्वाल द्वारा करीब 137 वर्ष पुरानी लिखित श्रीबदरीनाथ की आरती व अन्य पांडुलिपियों को श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अंगीकृत करेगी। 19 अगस्त को गांव में मंदिर समिति के वेदपाठियों द्वारा इन प्राचीन पांडुलिपियों का शुद्धिकरण किया जाएगा।
रविवार को मंदिर समिति के वेदपाठी स्यूपुरी पहुंचकर महेंद्र सिंह बर्त्वाल के परदादा द्वारा लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन करेंगे। इस मौके पर वैदिक मंत्रोच्चारण व विधि-विधान से इन दुर्लभ पांडुलिपियों का शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद इन्हें मंदिर समिति की ओर से इन्हें धरोहर के रूप में अंगीकृत किया जाएगा। बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि इन प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही विद्वान आचार्यगणों व वेदपाठियों के द्वारा इनका गहन अध्ययन किया जाएगा।