रुद्रप्रयाग। क्रौंच पर्वत स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर परिसर में चल रहे केदारखंड महापुराण कथा व महायज्ञ में प्रतिदिन देश-दुनिया की सुख-समृद्धि के लिए 2100 आहुतियां डाली जा रही है। मंगलवार को धार्मिक अनुष्ठान के सातवें दिन पंडित बासुेदव प्रसाद थपलियाल ने कथा वाचन करते हुए भक्तों को पंचकेदारों की महिमा के बारे में बारे में बताया। कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ व कल्पेश्वर विराजमान हैं, जहां भगवान शिव की अलग-अलग रूपों में पूजा होती है। इन धामों के दर्शन कर व आराध्य के स्मरण मात्र से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष शत्रुघन नेगी ने बताया कि 14 जून को जलयात्रा होगी। उन्होंने अधिकाधिक लोगों से अनुष्ठान में शामिल होने की अपील की है।