गांवों में शराब से मुक्त कराने के लिए एक तरफ जहां महिला मंगल दल आगे आ रहे हैं, वहीं शराब के कारोबार में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। जिले की शराब की नौ दुकानों के लिए 171 महिलाओं सहित आबकारी विभाग को 1129 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
रुद्रप्रयाग में शराब का सालाना करोबार करीब 20 करोड़ का है। ऐसे में दुकानों के लिए आवेदन भी हजारों की संख्या में मिल रहे हैं। इस कारोबार के प्रति महिलाओं की भी सक्रियता बढ़ी है। इसका अुनमान इससे ही लगाया जा सकता है कि दो वर्ष पहले जिस बसुकेदार में शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं ने कई दिनों तक दरांती लेकर आंदोलन किया था, वहां इस बार 41 महिलाओं ने आवेदन किया है। नगरासू के लिए 35, तिलवाड़ा के लिए 30, विजयनगर के लिए 29, सतेराखाल के लिए 5, खांकरा के लिए 3, रुद्रप्रयाग के लिए 2, मयाली के लिए 14 और ऊखीमठ के लिए 12 महिलाओं ने आवेदन किया है। दूसरी तरफ एक वर्ष में महिला मंगल दलों के प्रयास से 20 गांवों में शराबबंदी लागू हो चुकी है, जिसके सुखद परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।